सर्प्रीत सिंह फीफा विश्व कप 2026: इस समय भारत में सर्प्रीत सिंह का नाम चर्चा में है। इसकी वजह यह है कि उन्होंने फीफा विश्व कप 2026 में न्यूज़ीलैंड की ओर से खेलते हुए इतिहास रच दिया है। वे भारतीय मूल के उन चुनिंदा फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने फीफा विश्व कप में खेलने का गौरव हासिल किया है। बता दें कि 16 जून को सर्प्रीत सिंह ने न्यूज़ीलैंड की टीम से ईरान के खिलाफ मुकाबला खेला था। इस दौरान उन्होंने पूरे 90 मिनट मैदान पर जमकर पसीना बहाया।
हालांकि दूसरे हाफ के बाद टीम की रणनीति के तहत उन्हें अतिरिक्त समय में स्ट्राइकर जेसी हैंडेल से बदल दिया गया, लेकिन इस अवधि में ही उनका नाम भारत सहित विदेशों में भी गूंजने लगा। इस क्रम में आइए जानते हैं इस भारतीय मूल के खिलाड़ी के बारे में विस्तार से।
न्यूज़ीलैंड के इस फुटबॉल खिलाड़ी का जन्म 20 फरवरी 1999 को ऑकलैंड में हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सर्प्रीत का संबंध पंजाब के जालंधर शहर से है। उनके माता-पिता कई साल पहले भारत से न्यूज़ीलैंड जाकर बस गए थे। सर्प्रीत के पिता ऑकलैंड में एक किराने की दुकान चलाते हैं।
अगर सर्प्रीत सिंह की बात करें तो कहा जाता है कि उन्हें बचपन से ही फुटबॉल खेलने का शौक था। अब इसी जुनून ने उन्हें दुनिया के सबसे बड़े मंच तक पहुँचा दिया है। सर्प्रीत ने न्यूज़ीलैंड की ओर से अंडर-17 ओशिनिया कप और अंडर-20 विश्व कप में भी हिस्सा लिया है। वर्ष 2020 में उन्होंने एफसी नूर्नबर्ग के साथ एक सीज़न का लोन कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था। अब इस पंजाबी खिलाड़ी ने फीफा विश्व कप में खेलकर नया इतिहास रच दिया है।
अगर न्यूज़ीलैंड और ईरान के बीच हुए मुकाबले की बात करें तो यह मैच 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ। न्यूज़ीलैंड की ओर से एलियाह जस्ट ने सातवें मिनट में ही गोल कर टीम को बढ़त दिला दी थी। इसके बाद 32वें मिनट में ईरान की ओर से जवाबी हमला हुआ और रमीम रेज़ाइयान ने गोल दागा। फिर एलियाह ने एक और गोल कर न्यूज़ीलैंड को बढ़त दी, लेकिन अंत में ईरान के मोहम्मद मोहबी ने गोल करते हुए स्कोर बराबर कर दिया।