केंद्र सरकार का नया नियम: खांसी की सिरप अब डॉक्टर की पर्ची पर ही मिलेगी
newzfatafat June 16, 2026 09:42 PM

केंद्र सरकार ने नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए औषधि नियम, 1945 में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब 1000 से कम जनसंख्या वाले गांवों में बिना लाइसेंस खांसी की सिरप बेचना अवैध हो गया है। इसके साथ ही, डॉक्टर की पर्ची के बिना कफ सिरप प्राप्त नहीं की जा सकेगी।


स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस संशोधन को राजपत्र अधिसूचना जीएसआर 927 (ई) के माध्यम से अधिसूचित किया है। इस अधिसूचना के अनुसार, औषधि नियम, 1945 की अनुसूची ‘क’ में से 'सिरप' शब्द को हटा दिया गया है।


पहले, 1000 से कम जनसंख्या वाले गांवों में खांसी की दवा की बिक्री पर कुछ छूट थी, जिससे बिना लाइसेंस के इन दवाओं की बिक्री संभव थी। अब यह छूट पूरी तरह से समाप्त कर दी गई है।


संशोधन के बाद, खांसी की सिरप की बिक्री और वितरण केवल लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों के माध्यम से ही वैध होगा। छोटे गांवों में भी अब बिना लाइसेंस इन दवाओं की बिक्री नहीं हो सकेगी।


मंत्रालय ने बताया कि यह कदम खांसी की सिरप के निर्माण और बिक्री की प्रक्रिया पर नियामक निगरानी को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। इससे दवाइयों के जिम्मेदार वितरण को बढ़ावा मिलेगा और पूरे देश में नियामक मानकों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित होगा।


स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी खांसी की दवाओं के निर्माताओं, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं को नए नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी है। किसी भी प्रकार की अनदेखी पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह संशोधन दिसंबर 2025 में अधिसूचित किया गया था और अब पूरे देश में लागू होगा।


इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में दवाइयों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी, विशेषकर बच्चों को दी जाने वाली खांसी की सिरप के मामले में।


अब उपभोक्ताओं को ऐसी दवा खरीदने के लिए रजिस्टर्ड डॉक्टर की वैध प्रिस्क्रिप्शन की आवश्यकता होगी।


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