आखिरकार अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने को लेकर शांति समझौता हो गया है. दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने जंग खत्म करने के लिए समझौता पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अंदाज में बताया, ‘It’s signed’. हालांकि दोनों देशों के बीच हस्ताक्षर होने के बाद कल शुक्रवार को स्विटजरलैंड में बैठक होनी है, लेकिन इसके बारे में अभी संशय बना हुआ है.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अलग-अलग जगहों से दोनों देशों के बीच 3 महीने से अधिक समय से जारी जंग को खत्म करने के लिए एमओयू पर औपचारिक तौर पर हस्ताक्षर कर दिए. हस्ताक्षर को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों ने बताया कि समझौता तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. ये समझौता 2 भाषाओं में किया गया.
मैक्रॉन की मौजूदगी में ट्रंप का हस्ताक्षरट्रंप ने कल बुधवार को वर्सेल्स (Versailles) में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ डिनर करते समय इसकी एक कॉपी (physical copy) पर हस्ताक्षर कर दिए. वर्सेल्स वही महल है जहां सदियों से युद्धों या क्षेत्रीय विवादों को खत्म करने वाले कई ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाते रहे हैं. हालांकि व्हाइट हाउस की ओर से शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर समारोह की योजना बनाई थी, लेकिन इस समारोह को लेकर स्थिति साफ नहीं है.
फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन की यात्रा के बाद वर्सेल्स में डिनर से निकलते समय राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “इस पर हस्ताक्षर हो गए हैं.” सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में, ट्रंप को मैक्रॉन के बगल में एक टेबल पर बैठकर समझौते की एक कॉपी पर हस्ताक्षर करते देखा गया. इसके बाद ट्रंप ने दस्तावेज और पेन पास में खड़े विदेश मंत्री मार्को रुबियो को सौंप दिए, वहां मौजूद लोगों ने तालियां भी बजाईं.
ईरानी राष्ट्रपति के भी हस्ताक्षर“It’s signed.”
President Trump told reporters he signed the Iran memorandum of understanding in Versailles as he departed the palace following a dinner with French President Emmanuel Macron.
A White House official says a photo of the signed agreement was sent to Iran and the pic.twitter.com/HVELS6RYVB
— Fox News (@FoxNews) June 17, 2026
मेजबान राष्ट्रपति मैक्रॉन की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो के अनुसार, हस्ताक्षर करने से ठीक पहले ट्रंप ने कहा, “यह आसान नहीं था.”
वहीं ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, तेहरान में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने ईरान की ओर से समझौते पर हस्ताक्षर किए. एजेंसी ने उनकी तस्वीरें पोस्ट कीं जिनमें वे अपने और ट्रंप के हस्ताक्षर वाले समझौते को दिखाते नजर आ रहे हैं. हालांकि समझौते की मूल बातों को अभी तक औपचारिक रूप से जारी नहीं किया गया है. ईरान की सरकारी टीवी ने भी वही जानकारी जारी की जो अमेरिका ने दी थी.
खुल जाएगा होर्मुज, तेल बेच पाएगा ईरानफिलहाल बताया जा रहा है कि इस समझौते का ज्यादातर हिस्सा युद्ध से पहले की स्थिति को बहाल करेगा. इसमें जंग को खत्म करना, तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से शुरू करना और होर्मुज़ स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना शामिल है. होर्मुज एक अहम समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया के कई देशों के लिए तेल और प्राकृतिक गैस पहुंचाए जाते हैं और इसके बंद होने से ऐतिहासिक ऊर्जा संकट पैदा हो गया था.
दोनों देशों की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस समझौते के तहत तेहरान को अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (Highly Enriched Uranium) के भंडार को कम करना होगा और अमेरिका की ओर से लगाए गए बैन को हटा लिया जाएगा. इस करार के तहत ईरान को तुरंत अपना तेल स्वतंत्र रूप से बेचने की अनुमति मिल जाएगी.