रसोई गैस की कीमतें हर आम आदमी के मासिक बजट को सीधे तौर पर प्रभावित करती हैं. ऐसे में एलपीजी सिलेंडर के ताजा रेट से जुड़ी एक राहत भरी खबर है. गुरुवार, 18 जून को तेल कंपनियों ने घरेलू गैस की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. अगर आज के रेट पर नजर डालें, तो देश के अलग-अलग हिस्सों में कीमतों का भारी अंतर देखने को मिलता है. जहां मुंबई के निवासियों को गैस सबसे सस्ती मिल रही है, वहीं लेह जैसे दुर्गम पहाड़ी इलाकों में यही सिलेंडर 1,179 रुपये का आंकड़ा पार कर चुका है. इसी बीच दुनिया के कुछ देशों से ऐसे आंकड़े भी सामने आ रहे हैं, जहां सिलेंडर की कीमत 250 रुपये से भी कम है.
दुनिया के इन देशों में सबसे सस्ती गैसअंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की खुदरा कीमतों का तुलनात्मक आकलन काफी दिलचस्प तस्वीर पेश करता है. सऊदी अरब, रूस, अल्जीरिया और कजाकिस्तान जैसे देश, जो ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी हैं, वहां एलपीजी बेहद सस्ते दामों पर उपलब्ध है. आंकड़ों पर गौर करें तो अल्जीरिया में 14.2 किलोग्राम के घरेलू गैस सिलेंडर की अनुमानित कीमत भारतीय मुद्रा में मात्र 233 रुपये बैठती है. इसी तरह अफ्रीकी देश अंगोला में यह कीमत लगभग 505 रुपये है, जबकि कजाकिस्तान में ग्राहकों को इसके लिए 592 रुपये चुकाने पड़ते हैं. हर देश में टैक्स का ढांचा, सब्सिडी नीतियां और वितरण की लागत भिन्न होती है, इसलिए वास्तविक बाजार कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है. इसके बावजूद, यूरोप सहित कई एशियाई देशों के मुकाबले इन उत्पादक देशों में गैस की कीमतें सबसे निचले स्तर पर हैं.
महानगरों में दाम एक हजार से नीचेभारत के मैदानी इलाकों और बड़े शहरों की बात करें, तो यहां उपभोक्ताओं का बजट फिलहाल नियंत्रण में है. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में घरेलू गैस सिलेंडर सबसे सस्ता, यानी 941.50 रुपये में उपलब्ध है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इसकी कीमत 942 रुपये पर स्थिर है. आईटी हब बेंगलुरु के लोगों को इसके लिए 944.50 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं. अहमदाबाद और गुरुग्राम में कीमत 949 रुपये है. प्रमुख शहरों की सूची में आगे बढ़ें तो जयपुर में 952.50 रुपये, गोवा में 956 रुपये, चेन्नई में 957.50 रुपये और कोलकाता में 968 रुपये का रेट लागू है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में यह आंकड़ा 976.50 रुपये है, जबकि हैदराबाद में कीमतें एक हजार के करीब (994 रुपये) पहुंच गई हैं.
पहाड़ी इलाकों में महंगाई की मारमैदानी क्षेत्रों के विपरीत, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्यों में रसोई गैस की कीमतें आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रही हैं. ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका सबसे बड़ा कारण इन क्षेत्रों में परिवहन की उच्च लागत है. देश में सबसे महंगा घरेलू सिलेंडर लेह में बिक रहा है, जहां ग्राहकों को 1,179 रुपये चुकाने पड़ते हैं. पूर्वोत्तर के राज्यों में भी स्थिति लगभग वैसी ही है. नॉर्थ त्रिपुरा में एलपीजी सिलेंडर 1,119.50 रुपये, गंगटोक में 1,094.50 रुपये, आइजॉल में 1,094 रुपये और वेस्ट इंफाल में 1,093.50 रुपये का मिल रहा है. इसके साथ ही, जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में घरेलू सिलेंडर की कीमत 1,058 रुपये है. पहाड़ों तक गैस पहुंचाने की अतिरिक्त लागत का सीधा भार ग्राहकों को उठाना पड़ता है.
कमर्शियल सिलेंडर का भारी-भरकम खर्चव्यावसायिक उपयोग में आने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भी भारी भौगोलिक अंतर मौजूद है. यहां भी लेह सबसे ऊपर है, जहां कमर्शियल गैस का दाम 3,752 रुपये है. इसके बाद नॉर्थ त्रिपुरा में 3,638 रुपये, गंगटोक में 3,631.50 रुपये और वेस्ट इंफाल में 3,599 रुपये प्रति सिलेंडर का रेट तय है. आइजॉल में व्यापारी 3,595.50 रुपये तो अंडमान में 3,544 रुपये का भुगतान कर रहे हैं. श्रीनगर में इसकी कीमत 3,458 रुपये और हैदराबाद में 3,367 रुपये है. दूसरी तरफ, महानगरों में राहत है; दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 3,113.50 रुपये और मुंबई में 3,067.50 रुपये की दर से बिक रहा है.
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