Begusarai Gangrape Case: बिहार के बेगूसराय जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है. यहा दिल्ली की निर्भया की तरह एक महिला के साथ हैवानियत की हद पार की गई. 5 युवकों ने मिलकर बारी-बारी से महिला के साथ गैंगरेप किया. जब इससे भी मन नहीं भरा तो महिला के प्राइवेट पार्ट में कारतूस और लकड़ी डाल दी गई. इससे भी हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस पर गंभीर आरोप लगा है. पुलिस तीन दिन तक महिला के परिवार को थाने के चक्कर लगवाती रही और गैंगरेप की FIR नहीं लिखी, लेकिन चौथे दिन जब महिला की मेडिकल रिपोर्ट आई तो पुलिस और डॉक्टर हैरान रह गए. उसके प्राइवेट पार्ट से कारतूस और लकड़ी का टुकड़ा मिला. फिलहाल पुलिस ने मामले में 3 अज्ञात समेत 5 लोगों पर गैंगरेप का मुकदमा दर्ज किया है.
क्या है पूरा मामला?चकिया थाना क्षेत्र में 11 जून की रात पीड़िता टॉयलेट के लिए खेत की ओर गई थी. आरोप है कि पहले से घात लगाए बैठे 5 युवकों ने उसे पकड़ लिया और बारी-बारी से गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया. पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि गैंगरेप के बाद आरोपियों ने महिला के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए उसके प्राइवेट पार्ट में कारतूस और लकड़ी का टुकड़ा डाल दिया.
ये भी पढ़ें- Begusarai Gangrape Case: बेगूसराय में हैवानियत की हद पार! महिला से गैंगरेप के बाद प्राइवेट पार्ट में डाले लकड़ी और कारतूस
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. अगले दिन 12 जून को महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन दर्द लगातार बढ़ता रहा. बाद में जब दोबारा जांच कराई गई तो महिला के प्राइवेट पार्ट से कुछ सामान निकलने की बात सामने आई, जिसके बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया.
महिला के साथ गैंगरेप की घटना की पूरी टाइमलाइन…पीड़िता और उसके परिवार का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद वे शिकायत दर्ज कराने चकिया थाना पहुंचे थे, लेकिन वहां उनकी बात सुनने के बजाय डांट-फटकार कर भगा दिया गया. परिवार का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द हो सकती थी.
परिजनों ने यह भी दावा किया कि करीब तीन महीने पहले भी आरोपियों ने पीड़िता के साथ छेड़छाड़ और गैंगरेप की कोशिश की थी. उस समय भी पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही ने आरोपियों के हौसले बढ़ाए.
मेडिकल जांच के बाद हरकत में आई पुलिसबताया जा रहा कि पुलिस तब सक्रिय हुई जब मेडिकल जांच के दौरान महिला के प्राइवेट पार्ट से कारतूस और लकड़ी मिलने की जानकारी सामने आई. इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की गई. फिलहाल पीड़िता का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. उसकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
पुलिस पर उठ रहे सवालघटना के 7 दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं. स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि इतनी गंभीर घटना के बाद भी पुलिस ने शुरुआती स्तर पर संवेदनशीलता नहीं दिखाई. लोगों का कहना है कि यदि पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लिया जाता तो न केवल समय पर FIR दर्ज होती, बल्कि आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द संभव हो सकती थी.
क्या बोले डीएसपी?सदर DSP आनंद पांडे ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. मेडिकल जांच में कुछ सामान मिलने की जानकारी सामने आई है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. DSP ने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
सिविल सर्जन ने क्या कहा?बेगूसराय सदर अस्पताल के सिविल सर्जन अशोक कुमार ने बताया कि मीडिया के माध्यम से महिला के प्राइवेट पार्ट में कुछ सामान मिलने की जानकारी सामने आई है. मामले की सच्चाई जानने के लिए सदर अस्पताल के डीएस के नेतृत्व में महिला चिकित्सकों की एक टीम गठित की गई है. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति की स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी. फिलहाल पीड़िता का उपचार जारी है.
आरोपियों की तलाश जारीइस सनसनीखेज मामले में सभी आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. वहीं दूसरी ओर, घटना ने जिले में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.