संतान सुख के लिए मंगलवार का व्रत बहुत शुभ माना गया है. इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और हनुमान जी के सामने दीपक जलाएँ. फिर हनुमान चालीसा का पाठ करें. ऐसा माना जाता है कि लगातार 21 मंगलवार तक यह व्रत करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और मनोकामनाएँ पूरी होने में मदद मिलती है.
भगवान कृष्ण के बाल रूप 'संतान गोपाल' का मंत्र बहुत शक्तिशाली माना जाता है. इस मंत्र का श्रद्धा के साथ जाप करने से संतान सुख की इच्छा पूरी होने की मान्यता है. इसे नियमित रूप से शांत मन से करना चाहिए और भगवान कृष्ण से सच्चे मन से प्रार्थना करनी चाहिए.
अगर घर में लगातार संतान सुख में रुकावट आ रही हो तो अभिलाषा स्तोत्र का पाठ बहुत लाभकारी माना गया है. इसे रोज़ाना या कम से कम कुछ महीनों तक नियमित रूप से पढ़ने की सलाह दी जाती है. ऐसा कहा जाता है कि यह स्तोत्र मन की इच्छाओं को पूरा करने में सहायक होता है और जीवन में सकारात्मकता लाता है.
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित होता है. इस दिन व्रत रखने और पीले वस्त्र पहनने का विशेष महत्व बताया गया है. दंपत्ति मिलकर यह व्रत करें तो इसका असर और अच्छा माना जाता है. इस दिन पीली चीजों का दान करना भी शुभ माना जाता है.
ज्योतिष में माना जाता है कि जहां घर में शांति और साफ-सफाई रहती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. इसलिए घर को हमेशा साफ रखें, पूजा-पाठ नियमित करें और नकारात्मक सोच से दूर रहें.
संतान सुख के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा भी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है. सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाना और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करना बहुत शुभ माना गया है.