FIFA World Cup 2026: सबसे तेज गोल… इस खिलाड़ी ने बनाया रिकॉर्ड, आर्थिक मंदी के चलते माता-पिता ने छोड़ा था देश
TV9 Bharatvarsh June 20, 2026 10:42 AM

Scotland Vs Morocco: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-C के अपने दूसरे मुकाबले में मोरक्को ने स्कॉटलैंड को हरा दिया. मोरक्को ने ये मुकाबला 1-0 से जीता. उसके लिए इकलौता गोल इस्माइल साइबारी ने दागा, जो कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हुआ अब तक का सबसे तेज गोल भी है. मोरक्को के मिडफील्डर ने स्कॉटलैंड के खिलाफ गोल सिर्फ 70 सेकंड में दागा और रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बनाए. ये इस वर्ल्ड कप में उनका दूसरा गोल है. उन्होंने पहला गोल टूर्नामेंट में मोरक्को के पहले मैच में दागा था, जो कि ब्राजील के खिलाफ खेला गया था.

70 सेकंड में सबसे तेज गोल, बने ये रिकॉर्ड

ब्राजील के खिलाफ मुकाबला 1-1 से ड्रॉ कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इस्माइल साइबारी ने अब फीफा वर्ल्ड कप 2026 का सबसे तेज गोल दागकर स्कॉटलैंड की हार तय की. मोरक्को और स्कॉटलैंड के बीच मुकाबला तो 90 मिनट तक चला मगर उसका फैसला मैच के 70वें सेकंड में ही हुए गोल से हो चुका था. ये वर्ल्ड कप के इतिहास में मोरक्को की ओर से हुआ सबसे तेज गोल है. ये स्कॉटलैंड के गोलपोस्ट में किसी मेंस वर्ल्ड कप के मैच में हुआ सबसे तेज गोल भी हैं. मतलब, ये पहली बार है जब स्कॉटलैंड ने टूर्नामेंट के इतिहास में इतना तेज गोल खाया है.

ऐसा करने वाले दूसरे अफ्रीकी प्लेयर बने इस्माइल

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सबसे तेज गोल के साथ स्कॉटलैंड पर मोरक्को के जीत की कहानी लिखने वाले इस्माइल साइबारी अब मिस्त्र के मोहम्मद सालाह के बाद दूसरे अफ्रीकी खिलाड़ी भी बन गए हैं, जिन्होंने अपने पहले दो वर्ल्ड कप में गोल दागे हैं.

आर्थिक मंदी के चलते माता-पिता को छोड़ना पड़ा था देश

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के बैक-टू-बैक मैचों में गोल दागकर मोरक्को के लिए महत्वपूर्व रोल निभाने वाले इस्माइल साइबारी के स्टार मिडफील्डर बनने की कहानी 3 देशों से होकर गुजरती है. उनका जन्म 2001 में स्पेन में हुआ था. हालांकि, उनके माता-पिता उत्तरी मोरक्को से थे, जो कि काम की तलाश में अपने देश को छोड़कर स्पेन में जाकर बस गए थे.

स्पेन में उनके माता पिता 18 साल रहे. काम ठीक चल रहा था. इस्माइल साइबारी ने फुटबॉल के गुर सीखने भी शुरू कर दिए थे. लेकिन फिर 2008 की आर्थिक मंदी का उन पर तगड़ा असर हुआ. नतीजा ये हुआ कि उनके माता-पिता को स्पेन भी छोड़ना पड़ा और वो वहां से बेल्जियम जाकर बस गए, जहां इस्माइल साइबारी का फुटबॉल करियर सही मायनों में सजना और संवरना शुरू हुआ.

बेल्जियम से इस्माइल बाद में अकेले नीदरलैंड्स चले गए, जहां उन्होंने फुटबॉल के तमाम और गुर सीखे. मतलब, 3 देश, 3 भाषा और 3 फुटबॉल कल्चर… ये सब मिलकर ही इस्माइल साइबारी को एक खतरनाक मिडफील्डर बनाते हैं.

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