Sade Sati: शनि की साढ़ेसाती के होते हैं 3 चरण, जानिए किसका-क्या होता है अर्थ
TV9 Bharatvarsh June 20, 2026 10:42 AM

Shani Dev’s Sade Sati: हिंदू धर्म शास्त्रों में शनि देव को कर्मों का फल देने वाला देवता और न्यायधीश कहा जाता है. वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि देव नवग्रहों में सबसे महत्वपूर्ण ग्रह माने जाते हैं, जिनकी चाल से देश दुनिया और सभी 12 राशि के जातक प्रभावित होते हैं. शनि लोगों को उनके कर्मों के अनुसार फल दिया करते हैं. धर्म शास्त्रों, पुराणों और ज्योतिष शास्त्र में शनि देव की साढ़ेसाती के बारे में विस्तार से बताया गया है. शनि देव की साढ़ेसाती से इंसान तो क्या देवता तक नहीं बच पाए हैं.

साढ़ेसाती साढ़े सात वर्षों तक चलती है. शनि देव की साढ़ेसाती तीन चरणों में चलती है. लोग शनि देव की साढ़ेसाती से बहुत डरते हैं, क्योंकि इस दौरान जीवन में अलग-अलग तरह के कष्ट भोगने पड़ते हैं. यही कारण है कि लोग शनि देव को प्रसन्न रखने के लिए शनिवार को व्रत और पूजन करते हैं, लेकिन साढ़ेसाती तो लगती ही है. पूजा पाठ, व्रत और उपााय करने से बस साढ़ेसाती के समय राहत मिलती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि साढ़ेसाती के तीन चरण कौन कौन से होते हैं?

साढ़ेसाती के तीन चरण

पहला चरण: शनि देव जब किसी जातक की कुंडली के 12वें भाव में प्रवेश करते हैं, तो साढ़ेसाती के पहले चरण की शुरुआत मानी जाती है. इस दौरान व्यक्ति के खर्चे बढते हैं. मानसिक तनाव होता है. नौकरी या व्यवसाय में बदलाव की संभावना बनती है. पारिवारिक जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ता है. हालांकि, यह समय भविष्य की नींव तैयार करने का भी होता है.

दूसरा चरण: जब शनि चंद्र राशि पर गोचर करते हैं, तब साढ़ेसाती के दूसरे चरण की शुरुआत मानी जाती है. ये साढ़ेसाती का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है. इस दौरान व्यक्ति के जीवन में बड़े परिवर्तन, मानसिक दबाव, निर्णयों की परीक्षा और करियर से जुड़े उतार-चढ़ाव होते हैं. साढ़साती के इस चरण में मेहनत करने वालों को सफलता भी खूब मिलती है.

तीसरा चरण: जब शनि देव जन्म राशि से दूसरे भाव में प्रवेश करते हैं, तो साढ़ेसाती के तीसरे और अंतिम चरण की शुरुआत होती है. इस चरण में व्यक्ति के जीवन में स्थिरता आती है, उसको अनुभव प्राप्त होता है. ज्योतिषविद इस अवधि में आर्थिक मामलों, परिवार और वाणी से जुड़े विषयों पर खास ध्यान देने की सलाह देते हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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