वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने बीते रविवार (21 जून) श्रीलंका-ए के खिलाफ खेले गए ट्राई सीरीज के फाइनल में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 29 गेंदों में 10 चौके और 8 छक्के लगाकर 94 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 324.14 का रहा.
सीरीज के पिछले चार मैचों में वैभव के बल्ले से कोई बड़ी पारी नहीं निकली थी. उन्होंने क्रमश: 14, 44, 21 और 38 रनों की पारी खेलकर कुल 117 रन बनाए थे. इससे पहले उन्होंने आईपीएल में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करके अपना लोहा मनवाया था. खिताबी मुकाबले से पहले सिर्फ 4 शब्दों ने वैभव को ऐसा मोटिवेशन दिया कि उन्होंने श्रीलंका की 'लंका' ही लगा दी. इंडिया-ए के कोच हृषिकेश कातिनकर ने वैभव को मैच से पहले कोई बड़ा भाषण नहीं दिया, सिर्फ चार शब्द बोले.
चार शब्दों ने वैभव को तगड़ा मोटिवेशन दे दिया. कोच ने वैभव से कहा, "तू अपना नेचुरल गेम खेल." इसमें एक लाइन और जोड़ते हुए कोच ने कहा, "ज्यादा मत सोच." फिर वैभव ने अपना नेचुरल गेम खेलते हुए पहले 11 गेंदों में फिफ्टी पूरी की और 29 गेंदों में 94 रनों की पारी खेल डाली. एक बार फिर वैभव शतक के बहुत करीब आकर आउट हुए, लेकिन वो कहते हैं न, कुछ 90s शतक से भी बड़े होते हैं.
वैभव की दमदार पारी की बदौलत इंडिया-ए ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 377 रन बनाए. टीम के लिए वैभव के अलावा कप्तान तिलक वर्मा ने शानदार पारी खेलते हुए 90 गेंदों में 4 चौके और 1 छक्का लगाकर 67 रन स्कोर किए.
रन चेज के लिए मैदान पर उतरी श्रीलंका-ए ने 300 का तो आंकड़ा पार कर लिया, लेकिन टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी. टीम 47.1 ओवर में 311 रन पर ऑलआउट हो गई. टीम के लिए नंबर सात पर उतरे वनजा सहन ने सबसे बड़ी पारी खेलते हुए 62 रन स्कोर किए, लेकन टीम को जीत की लाइन पार नहीं करवा सके. इस दौरान इंडिया-ए के लिए यश ठाकुर और विप्रज निगम ने सबसे ज्यादा 3-3 विकेट लिए.
6,6,6,6,6,W… रॉवमैन पॉवेल 6 छक्कों के वर्ल्ड रिकॉर्ड से चूके, शनाका के ओवर में मचाया तूफान