नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति संकट खत्म होने की उम्मीद है। होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत के लिए एक अच्छी खबर है। फारस की खाड़ी इलाके में मौजूद जहाजों के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया है कि 17 जून को ईरान और अमेरिका के बीच MoU पर दस्तखत होने के बाद से भारत आने वाले 11 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे हैं। वहीं आज की तारीख में, भारतीय झंडे वाले 10 जहाज अभी भी फारस की खाड़ी इलाके में हैं। इन 10 जहाजों के अलावा, हमारे दो भारतीय जहाज इस तरफ से फारस की खाड़ी में गए हैं, जिसका मतलब है कि होर्मुज दोनों तरफ से खुल गया है और जहाजों का आना-जाना हो रहा है।
रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत आने वाले 11 जहाजों में भारतीय झंडे वाले कच्चे तेल के तीन टैंकर शामिल हैं, जिनमें से हर एक में 2,85,000 मीट्रिक टन कच्चा तेल है। साथ ही विदेशी झंडे वाला एक एलपीजी कैरियर, विदेशी झंडे वाला कच्चे तेल का एक टैंकर और विदेशी झंडे वाले छह बल्क कैरियर हैं जिनमें खाद लदी है। हमें उम्मीद है कि भारतीय झंडे वाले बाकी जहाज भी, जिनकी संख्या मैंने अभी आपको बताई, जल्द ही उस इलाके से गुजर सकेंगे।
एमईए प्रवक्ता ने कहा, हम पश्चिम एशिया से जुड़े सभी घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। जहां तक हमारी ऊर्जा आपूर्ति की बात है, तो आप हमारी नीति से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि यह राष्ट्रीय हित पर आधारित है। हमारी नीति 140 करोड़ लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें किफायती दरों पर और अलग-अलग स्रोतों से ऊर्जा उपलब्ध कराने की है। मैंने कई बार यह बात कही है और हमारी नीति अब भी यही है।
The post 11 India Bound Ships Crossed Strait of Hormuz : होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं भारत आने वाले 11 जहाज, बड़ी मात्रा में कच्चे तेल, एलपीजी और खाद की होगी आपूर्ति appeared first on News Room Post.