Gayatri Jayanti 2026: मां गायत्री को वेदों की माता के रूप में जाना जाता है. शास्त्रों और पुराणों के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन माता गायत्री प्रकट हुईं थी. तब से इस दिन को उनकी जयंती के रूप में मनाया जाता है. आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी है और माता गायत्री की जयंती मनाई जा रही है. माना जाता है कि माता ही चारों वेदों की जननी हैं. उनसे ही चारों वेद उत्पन्न हुए हैं.
धार्मिक मान्यता है कि ब्रह्मा, विष्णु और महेश भी गायत्री माता का पूजन करते हैं. इसी दिन निर्जला एकादशी का व्रत भी रखा जाता है, जिससे ये दिन और भी विशेष हो जाता है. गायत्री जयंती के दिन माता गायत्री की विशेष पूजा और अराधना करने से जीवन में ज्ञान, विवेक और आध्यात्मिक शक्ति का विकास होता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि आज गायत्री माता की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा? साथ ही जानते हैं पूजा विधि.
गायत्री जयंती की पूजा का शुभ मुहूर्त ( Gayatri Jayanti 2026 Puja Subh Muhurat)आज गायत्री जयंती पर पूजा के लिए 3 शुभ मुहूर्त हैं. आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 05 मिनट से लेकर 04 बजकर 45 मिनट तक रहा. शुभ-उत्तम मुहूर्त सुबह 05 बजकर 25 मिनट पर शुरू हुआ, जोकि सुबह 07 बजकर 10 मिनट तक रहेगा. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 56 मिनट से लेकर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा. इन मुहूर्तों में माता गायत्री की पूजा की जा सकती है.
क्या पूजा-पाठ पर पड़ेगा भद्रा का प्रभाव?आज सुबह 07 बजकर 08 मिनट से भद्रा काल शुरू होगा और रात 08 बजकर 09 मिनट तक रहेगा, लेकिन इस दौरान भद्रा का वास पाताल लोक में रहेगा, लिहाजा पूजा-पाठ पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
गायत्री जयंती पूजा विधि ( Gayatri Jayanti Puja Vidhi)द्रिक पंचांग के अनुसार, आज गायत्री जयंती पर तीन बेहद शुभ योग बन रहे हैं. आज सुबह तक 10 बजकर 53 मिनट तक शिव योग रहेगा और इसके बाद पूरे दिन सिद्ध योग रहेगा. वहीं सुबह रवि योग सुबह 05 बजकर 25 मिनट पर प्रारंभ हुआ है, जोकि शाम 04 बजकर 29 मिनट तक रहेगा.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.