दुनिया के दो देश और भूकंप के तीन बड़े झटके… पृथ्वी पर 24 जून की रात जियोलॉजिकल इतिहास की दो बेहद दुर्लभ घटनाएं दर्ज की गईं. वो भी महज 2 घंटे के भीतर. जी हां, हम बात कर रहे हैं वेनेजुएला और जापान की. इन दोनों देशों में भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए हैं. एक जगह (वेनेजुएला) भारी तबाही मच गई जबकि दूसरी जगह (जापान) कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ. ये दोनों घटनाएं महज 2 घंटे के अंदर घटी. वैज्ञानिकों के मुताबिक, ऐसी अद्भुत और दुर्लभ घटनाएं हर 1000 से 1200 साल में सिर्फ एक बार ही देखने को मिलती हैं.
वेनेजुएला में 40 सेकंड में 2 बड़े भूकंपराहत की बात ये है कि इतने बड़े संयोग के बाद भी कोई बड़ा सुनामी संकट नहीं आया. अमूमन जब कोई बड़ा भूकंप आता है, तो उसके बाद छोटे-छोटे झटके आते हैं. मगर वेनेजुएला में ऐसा नहीं हुआ. वहां महज 40 सेकंड के अंतराल पर बैक-टू-बैक भूकंप के दो बड़े झटके (7.2 और 7.5 तीव्रता) महसूस किए गए. विज्ञान की भाषा में जब एक ही जगह पर लगभग एक जैसी तीव्रता के दो बड़े भूकंप आते हैं, तो उसे ‘डबलेट भूकंप’ कहा जाता है. वेनेजुएला में इससे भारी तबाही मची है. कई इमारतें ढह गईं. कइयों में दरारें हैं. हजारों मौतों की आशंका है.
1200 साल में सिर्फ एक बार ऐसा!वेनेजुएला में इमरजेंसी की घोषणाPretty rare earthquake activity tonight on Earth.
Both of these things happening within 2 hours of each other:
1 in 1,000 to 1,200 years
• A doublet earthquake in Venezuela (two quakes of similar magnitude in the exact same spot)
• A totally separate 6.9+ quake— Noah Bergren (@NbergWX) June 25, 2026
दो बड़े भूकंप के बाद वेनेजुएला को भारी नुकसान पहुंचा है. इमरजेंसी की घोषणा की गई है. इसे सदी का सबसे भीषण भूकंप मानाजा रहा है. शुरुआत में समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका को देखते हुए कैरिबियन देशों और प्यूर्टो रिको के लिए सुनामी का अलर्ट जारी किया गया था. मगर एक घंटे के भीतर ही इसे हटा लिया गया. दरअसल, भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर था, इसलिए समुद्र में कोई विनाशकारी लहर नहीं उठी. हालांकि, बाद में फिर सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है.
जापान में 6.9 तीव्रता का भूकंपLa Guira is in ruins….#Venezuela #Earthquake pic.twitter.com/gCqmKjtwsr
— Mr ashen (@TheOfficialMrA1) June 25, 2026
वेनेजुएला की घटना के ठीक 2 घंटे के भीतर जापान के उत्तरी हिस्से (इवाते और अओमोरी प्रांत के पास) में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.9 तीव्रता मापी गई. यह भूकंप वेनेजुएला की घटना से पूरी तरह अलग था और इसका उससे कोई सीधा संबंध नहीं था. जापान में झटका इतना तेज था कि जमीन पर सीधे खड़े रहना भी मुश्किल था. मगर इतने तेज झटके के बाद भी वहां कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है. इसके अलावा, इलाके में मौजूद सभी न्यूक्लियर पावर प्लांट पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनमें कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई. इतने कम समय में दुनिया के दो देशों में 3 बड़े झटके लगने के बाद भी समुद्र शांत रहा. तटीय इलाकों में कोई बड़ी सुनामी नहीं आई. यह सबसे बड़ी और राहत की बात है.