नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ से पहले ही देश ही नहीं पूरी दुनिया में अपना झंडा गाड़ दिया है. कंपनी दिग्गजों को पीछे छोड़ देश में नंबर 1 कंपनी का टैग अपने नाम कर लिया है. वास्तव में ‘2025 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 रिपोर्ट के अनुसार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) 4.86 लाख करोड़ रुपए के वैल्यूएशन के साथ भारत की सबसे वैल्यूएबल नॉन लिस्टेड कंपनी हुई है. देश का सबसे बड़ा शेयर बाजार नॉन लिस्टेड कंपनियों की रैंकिंग में सबसे आगे रहा. इसने वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया और रियल एस्टेट कंपनी अदाणी प्रॉपर्टीज को पीछे छोड़ दिया है. यह शेयर बाजार के व्यापार मॉडल और वृद्धि की संभावनाओं में निवेशकों के भरोसे को दिखाता है.
कई कंपनियों शामिलएक्सिस बैंक के निजी बैंकिंग कारोबार ‘बरगंडी प्राइवेट’ और ‘हुरुन इंडिया’ की हुरुन रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के सबसे मूल्यवान नॉन लिस्टेड कंपनियों में कई उपभोक्ता, फिनटेक (वित्तीय प्रौद्योगिकी) और नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियां भी प्रमुखता से शामिल हैं. खाने का सामान बनाने वाली कंपनी ‘हल्दीराम’, फिनटेक कंपनी ‘रेजरपे’ और नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी ‘ग्रीनको’ उन प्रमुख नॉन लिस्टेड कंपनियों में शामिल हैं जिन्होंने रैंकिंग में जगह बनाई है. नॉन लिस्टेड कंपनियों का यह शानदार प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब निवेशक बाजार में मजबूत स्थिति वाली कंपनियों को सूचीबद्ध होने पहले ही अधिक मूल्यांकन दे रहे हैं.
आने वाला है एनएसई का आईपीओनेशनल स्टॉक एक्सचेंज को सबसे मूल्यवान नॉन लिस्टेड कंपनी का दर्जा ऐसे समय में मिला है जब शेयर बाजार ने पिछले सप्ताह बाजार नियामक सेबी के पास अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक निर्गम) के लिए शुरुआती दस्तावेज जमा किए हैं. इसका अनुमानित मूल्य लगभग 30,000 करोड़ रुपए है और यह शेयर बिक्री भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक बनने की राह पर है. इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की कंपनियों का कुल वैल्यूएशन मूल्यांकन 3,400 अरब डॉलर से अधिक हो गया है और इनकी 500 कंपनियां मिलकर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बराबर पहुंच गई हैं.