होर्मुज स्ट्रेट का मामला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे जहाजों पर कम से कम चार ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ दागे. इनमें से एक ड्रोन ने सामान ढोने वाले एक बड़े और बहुत महंगे जहाज के ऊपरी डेक पर जोरदार टक्कर मारी. इससे नुकसान तो हुआ, लेकिन जहाज अपना सफर जारी रखने में कामयाब रहा. उन्होंने ये भी दावा किया कि हमने तीन अन्य ड्रोन मार गिराए. जाहिर है, यह हमारे सीजफायर समझौते का एक मूर्खतापूर्ण उल्लंघन है.
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन द्वारा जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों और नाविकों को निकालने के प्रयासों को रोकने के तुरंत बाद आया है. अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने कहा कि इवैक्यूएशन प्लान को अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा, ताकि यह फिर से पुष्टि की जा सके कि हमार इवैक्यूएशन लिस्ट में शामिल जहाजों और क्षेत्र में मौजूद सभी जहाजों के लिए जरूरी सुरक्षा गारंटी अभी भी मौजूद है.
तेहरान के बताए रास्ते से ही पार कर पाएंगे होर्मुजइस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प (IRGC) नौसेना ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट से आवागमन सिर्फ तेहरान के बताए रास्तों से ही संभव होगा. ईरान के सरकारी मीडिया, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग के अनुसार, आईआरजीसी नौसेना ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश करने वाले जहाजों को ईरान के बताए रास्तों पर ही चलना होगा. आईआरआईबी की एक रिपोर्ट ने आईआरजीसी नौसेना के रुख का हवाला देते हुए कहा, ‘इस क्षेत्र में लागू होने वाला एकमात्र कानून अभी भी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स नेवी का कानून है’.
रिपोर्ट में आगे दावा किया गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से अवैध रूप से गुजरने और दक्षिणी गलियारे का उपयोग करने की कोशिश कर रहे तीन विदेशी तेल टैंकरों को रोका गया और उन्हें फारस की खाड़ी की ओर मोड़ दिया गया.
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