वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ (Operation Amistad) के तहत मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) मिशन शुरू किया. 26 जून की सुबह भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमान राहत सामग्री और बचाव दल लेकर वेनेजुएला के लिए रवाना हुए. अभियान के तहत 41 सदस्यीय भारतीय राहत एवं मेडिकल टीम को भी भेजा गया है, जिसमें अनुभवी बचावकर्मी और मेडिकल एक्सपर्ट शामिल हैं. भारत ने वेनेजुएला के लिए 30 टन राहत सामग्री भेजी है. इसके अलावा 6 टन दवाइयां और मेडिकल उपकरण भी राहत सामग्री में शामिल हैं.
भारतीय सेना की स्वावलंबी फील्ड हॉस्पिटल यूनिट को HADR उपकरणों और दवाओं के साथ तैनात किया गया है. राहत अभियान में 2 ‘भीष्म (BHISHM) क्यूब’ पोर्टेबल अस्पताल भी भेजे गए हैं, जो आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने में सक्षम हैं. दरअसल, BHISHM क्यूब एक तेजी से तैनात किया जा सकने वाला मॉड्यूलर फील्ड अस्पताल है, जो 200 रोगियों तक के लिए एडवांस ट्रॉमा केयर, आपातकालीन सर्जरी और आईसीयू की सुविधा से लैस है. इसकी मदद से भारतीय टीम वेनेजुएला के अधिकारियों के साथ मिलकर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, आपातकालीन मेडिकल सेवाएं और मानवीय राहत कार्य करेगी.
जरूरत पड़ने पर वेनेजुएला को दी जाएगी और मददभारत सरकार ने भूकंप में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है. भारत ने कहा है कि इस कठिन समय में वह वेनेजुएला की सरकार और वहां की जनता के साथ मजबूती से खड़ा है. भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर वेनेजुएला को अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी.
‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका में भारत‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ के जरिए भारत ने एक बार फिर अपनी ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ और ‘मानवीय सहायता देने वाले विश्वसनीय साझेदार’ की भूमिका को मजबूत किया है. यह अभियान भारत की वैश्विक HADR (Humanitarian Assistance and Disaster Relief) क्षमता और त्वरित राहत पहुंचाने की नीति को भी दर्शाता है.
भूकंप से 235 लोगों की हो गई मौतइस दक्षिण अमेरिकी देश में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 235 हो गई है, जबकि 4,300 लोग घायल हुए हैं. वेनेजुएला के स्वास्थ्य मंत्री कार्लोस अल्वाराडो ने यह जानकारी दी है. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘हम 4,300 से अधिक घायलों का इलाज कर चुके हैं, जिनमें से कुछ मामूली रूप से घायल हैं, अधिकांश मामूली रूप से घायल हैं, लेकिन कुछ मामले मध्यम और गंभीर भी हैं’.
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