द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) प्रेसिडेंट एमके स्टालिन ने शुक्रवार को कहा कि उपचुनाव लड़ने या न लड़ने पर अभी कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है. जब उनसे तिरुचिरापल्ली-पूर्व सीट से उपचुनाव लड़ने के दावों के बारे में पूछा गया, तो स्टालिन ने पत्रकारों से कहा कि अभी तक कोई फ़ैसला नहीं हुआ है. बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन को 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में कोलाथुर विधानसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ा था.
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पेरंबूर सीट अपने पास रखी और तिरुचिरापल्ली-पूर्व सीट से इस्तीफा दे दिया. AIADMK के पांच बागी नेताओं ने अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.
कई विधायकों ने दिया इस्तीफामरागथम कुमारवेल (मदुरंतकम), एस. जयकुमार (पेरुंदुरई) और पी. सत्यभामा (धारापुरम-SC) AIADMK के वे पहले तीन बागी नेता थे, जिन्होंने 25 मई को अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया था. अगले दिन, एसक्की सुबैया ने अपनी अंबासमुद्रम सीट से इस्तीफ़ा दे दिया था.
कुछ महीनों में उपचुनाव होने की उम्मीदवहीं सी. विजयभास्कर ने 16 जून को अपनी विरालिमलाई सीट छोड़ दी थी. विजयभास्कर को छोड़कर बाकी चारों बागी नेता सत्ताधारी टीवीके में शामिल हो गए हैं. उनके समर्थकों को उम्मीद है कि विजयभास्कर भी जल्द ही टीवीके में शामिल हो जाएंगे. खाली सीटों के लिए कुछ महीनों में उपचुनाव होने की उम्मीद है.
सीएम विजय के बयान से सियासी हलचलबता दें कि हाल ही में तमिलनाडु विधानसभा में सीएम जोसेफ विजय के नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन पर किए गए कटाक्ष से सियासी हलचल शुरू हो गई. सीएम विजय ने भाषण के दौरान उदयनिधि से पूछा था कि आपके पिता (एमके स्टालिन) कहां हैं. जिसके बाद डीएमके नेताओं ने संकेत दिए हैं कि पार्टी प्रमुख स्टालिन राज्य में होने वाले उपचुनावों में चुनाव लड़कर विधानसभा में वापसी कर सकते हैं.
तमिलनाडु में 6 विधानसभा सीटों पर उपचुनावडीएमके का एक धड़ा चाहता है कि स्टालिन आने वाले महीनों में होने वाले विधानसभा उपचुनावों में से किसी एक सीट से चुनाव लड़ें. अभी तमिलनाडु में 6 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं. ये सीटें विजय और AIADMK के पांच विधायकों के इस्तीफे से खाली हुई हैं.