अमेरिका के हमले के बाद वेंस की चेतावनी, ईरान बोला- फिर हमला हुआ तो जवाब और बड़ा होगा
TV9 Bharatvarsh June 27, 2026 01:43 PM

अमेरिका के हालिया सैन्य हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि अगर ईरान दोबारा हमला करता है, तो अमेरिका भी उसी तरह जवाब देगा. वहीं, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने फिर हमला किया, तो इस बार जवाब पहले से कहीं ज्यादा बड़ा और सख्त होगा.

जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ईरान ने सीजफायर समझौते पर साइन किए थे और अमेरिका ने उसका पूरी तरह पालन किया है. उन्होंने कहा कि अगर समझौते को लेकर ईरान को कोई शिकायत है, तो वह बातचीत कर सकता है. लेकिन अगर वह हिंसा का रास्ता अपनाता है, तो अमेरिका भी उसी तरह जवाब देगा. दरअसल, 2 दिन पहले होर्मुज स्ट्रेट में एक कार्गो जहाज पर ड्रोन हमला हुआ था, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरानी मिसाइल और ड्रोन साइट्स को निशाना बनाया.

अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने का आरोप

ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने कहा कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में खाड़ी क्षेत्र में उन जगहों को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. IRGC ने कहा कि अगर अमेरिका फिर से हमला करेगा, तो ईरान का जवाब इससे भी ज्यादा बड़ा और ताकतवर होगा.

IRGC ने अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का भी आरोप लगाया. ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने अमेरिकी कार्रवाई को युद्धविराम का उल्लंघन बताया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दिखा दिया है कि उन्हें बातचीत और युद्धविराम के नियमों का सम्मान नहीं है.

ईरान की ताकत कमजोर हुई: ट्रंप

वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हालिया अमेरिकी और इजराइली सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की सैन्य ताकत काफी कमजोर हो गई है. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि ईरान के पास अभी “कुछ सैन्य क्षमता” बाकी है, लेकिन वह पहले जैसी नहीं रही. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ऐसा ऐतिहासिक समझौता किया है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा.

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना की कार्रवाई के बाद ईरान के पास अब न नौसेना बची है, न वायुसेना, न हवाई सुरक्षा प्रणाली, न रडार और न ही लगभग कोई सैन्य उत्पादन क्षमता. उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की ड्रोन क्षमता 82%, मिसाइल क्षमता 80% और रॉकेट लॉन्चर 90% तक घट गए हैं. उन्होंने कहा कि ईरान के कई शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं और अब वहां कोई भी नेतृत्व की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं है.

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