वेदांत मामले में 'Blatant Lie' का सच? वायरल सर्कुलर और डेटा प्राइवेसी पर उठे गंभीर सवाल
अजातिका सिंह June 30, 2026 04:12 AM

CBSE की नई On-Screen Marking (OSM) प्रणाली पर सवाल तब खड़े हुए थे, जब कक्षा 12 के छात्र वेदांत श्रीवास्तव को फिजिक्स की अपनी answer sheet की जगह किसी दूसरे छात्र की कॉपी दिखाई गई थी. वेदांत ने इस गड़बड़ी को सार्वजनिक किया, जिसके बाद CBSE ने माना कि answer sheet बदल गई थी और बाद में उन्हें उनकी original कॉपी उपलब्ध कराई गई. इसके बाद उनके अंक भी बढ़े. अब इसी मामले में एक नया विवाद सामने आया है.

सोशल मीडिया पर वायरल एक सर्कुलर सामने आया है, जिसमें “Blatant Lie” (सरासर झूठ) जैसे शब्द का इस्तेमाल किया गया है. हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सरासर झूठा किसे कहा जा रहा है? क्या वेदांत को, जिन्होंने कहा कि री-इवैल्यूएशन में उनके सिर्फ 2 अंक बढ़े? इतना ही नहीं, इस वायरल सर्कुलर की आधिकारिक पुष्टि भी अब तक नहीं हुई है. न CBSE ने इसकी जिम्मेदारी ली है और न ही शिक्षा मंत्रालय के सूत्र इसे अपना दस्तावेज मान रहे हैं. ऐसे में यह पूरा मामला कई सवाल खड़े कर रहा है.

सवाल 1: वेदांत का दावा क्या है?

वेदांत का कहना है कि री-इवैल्यूएशन के बाद उनके सिर्फ दो अंक बढ़े. उनके मुताबिक, गणित में 1 और कंप्यूटर साइंस में 1 अंक बढ़ा है, जबकि फिजिक्स में री-इवैल्यूएशन के बाद एक भी अंक नहीं बढ़ा. 

सवाल 2: फिर 11 अंक बढ़ने की बात कहां से आई?

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक सर्कुलर में दावा किया गया है कि वेदांत के कुल 11 अंक बढ़े हैं और उनके विषयवार अंक भी उसमें लिखे गए हैं. हालांकि, इस सर्कुलर की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है.

सवाल 3: वेदांत और उनके पिता इस पर क्या कह रहे हैं?

वेदांत और उनके पिता का कहना है कि फिजिक्स में जो 9 अंक बढ़े थे, वह री-इवैल्यूएशन की वजह से नहीं, बल्कि उत्तर पुस्तिका की अदला-बदली की गलती सामने आने के बाद बढ़े थे. उनका कहना है कि जब उन्हें उनकी orional answer sheet मिली, तभी अंक सुधारे गए. इसलिए उनका दावा है कि उन 9 अंकों को री-इवैल्यूएशन में हुई बढ़ोतरी बताना सही नहीं है.

सवाल 4: यह वायरल सर्कुलर जारी किसने किया?

यही इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा सवाल है. अब तक CBSE ने इस वायरल सर्कुलर की जिम्मेदारी नहीं ली है. वहीं, शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने भी इसे जारी करने से इनकार किया है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर यह सर्कुलर न CBSE ने जारी किया और न ही शिक्षा मंत्रालय ने, तो फिर इसमें वेदांत के विषयवार अंक हू-ब-हू कैसे दर्ज हैं?

सवाल 5: क्या वेदांत ने खुद अपने अंक सार्वजनिक किए थे?

वेदांत का कहना है कि उन्होंने कभी भी अपने विषयवार अंक सार्वजनिक नहीं किए. उनका दावा है कि न उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने अंक साझा किए और न ही किसी अन्य माध्यम से.

सवाल 6: क्या अंक सार्वजनिक करने से पहले उन्हें जानकारी दी गई थी?

वेदांत का कहना है कि उन्हें न कोई कॉल आया और न ही कोई ईमेल, जिसमें बताया गया हो कि उनके विषयवार अंक सार्वजनिक किए जाएंगे. उनका कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी सीधे वायरल सर्कुलर के सामने आने के बाद मिली.

सवाल 7: परिवार अब क्या कह रहा है?

वेदांत के पिता संजय का कहना है कि अगर उनके बेटे ने अपने अंक सार्वजनिक नहीं किए तो उसकी व्यक्तिगत जानकारी बाहर कैसे आई? उनका कहना है कि किसी छात्र के विषयवार अंक सार्वजनिक करना गंभीर मामला है. उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में अब तक CBSE की ओर से उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया है और वह कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं.

क्या हैं सबसे बड़े सवाल?

  • “Blatant Lie” कहकर आखिर सरासर झूठा किसे बताया जा रहा है?
  • वायरल सर्कुलर जारी किसने किया?
  • अगर यह आधिकारिक नहीं है तो इसमें वेदांत के विषयवार अंक हू-ब-हू कैसे दर्ज हैं?
  • अगर छात्र ने अपने अंक सार्वजनिक नहीं किए तो उसकी व्यक्तिगत जानकारी बाहर कैसे पहुंची?
  • अगर यह दस्तावेज़ आधिकारिक है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
  • यह मामला केवल “11 नंबर बनाम 2 नंबर” का नहीं, बल्कि कॉपी बदलने, री-इवैल्यूएशन, डेटा प्राइवेसी और वायरल सर्कुलर की प्रामाणिकता से जुड़ा विवाद है.

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