ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत की उन अटकलों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि उसके प्रतिनिधिमंडल की कतर यात्रा अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी चर्चा से जुड़ी है. ईरान की न्यूज एजेंसी के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, आने वाले दिनों में अमेरिकी पक्ष के साथ किसी भी स्तर पर हमारी बातचीत की कोई बैठक नहीं है. उन्होंने आगे कहा, अमेरिकी प्रतिनिधियों की कतर यात्रा का ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा से कोई संबंध नहीं है.
उन्होंने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा समझौता ज्ञापन (MoU) के प्रावधानों, जिसमें अनुच्छेद 11 भी शामिल है, के कार्यान्वयन पर आगे की कार्रवाई के लिए हो रही है. इस्माइल बघाई ने इस बात पर भी जोर दिया कि व्यापक समझौते पर बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है.
उन्होंने कहा, हम अभी अंतिम समझौते के लिए बातचीत के चरण में नहीं पहुंचे हैं. समझौता ज्ञापन (MoU) का जिक्र करते हुए बघाई ने कहा, इसके अनुच्छेद 13 के अनुसार, अंतिम समझौते के लिए बातचीत शुरू होना अनुच्छेद 1, 4, 5, 10 और 11 के कार्यान्वयन की शुरुआत और उनके कार्यान्वयन के जारी रहने पर निर्भर करता है. बघाई द्वारा बताए गए MoU के अनुच्छेदों में विश्वास बहाली के प्रमुख उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अंतिम समझौते पर औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले लागू करना आवश्यक है.
आर्टिकल 11 के तहत, अमेरिका को ईरान के फ्रीज या रोके गए फंड और एसेट्स को आपसी सहमति वाली प्रक्रियाओं के तहत इस्तेमाल के लिए पूरी तरह से उपलब्ध कराना होगा और उन तक पहुंच आसान बनाने के लिए जरूरी लाइसेंस और मंजूरी देनी होगी. 14-पॉइंट वाले MoU के आर्टिकल 13 के अनुसार, अंतिम समझौते पर बातचीत तभी शुरू हो सकती है, जब बताए गए पांच प्रावधानों को लागू करने का काम शुरू हो जाए और जारी रहे. इसका मतलब है कि व्यापक बातचीत की ओर बढ़ने से पहले दोनों पक्षों को सहमत शुरुआती उपायों पर प्रगति दिखानी होगी, जैसा कि ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा.
इस बीच, व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर आज (मंगलवार) ईरान के साथ बातचीत के लिए दोहा जाएंगे. होर्मुज स्ट्रेट में हाल ही में हुई गोलीबारी की घटनाओं के बाद तनाव के बावजूद दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है.
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक इंटरव्यू में इस घटनाक्रम की पुष्टि की और कहा कि यह बैठक ईरान के अनुरोध पर हो रही है. लेविट ने कहा कि ट्रंप शांति प्रक्रिया को जारी रखना चाहते हैं और उन्होंने ईरान से वाशिंगटन के साथ समझौता करने का आग्रह किया, क्योंकि पश्चिम एशिया में दुश्मनी खत्म करने के लिए 14-पॉइंट वाले समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर के बाद तकनीकी बातचीत जारी है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ते देखना चाहते हैं, और ईरानियों के लिए अमेरिका के साथ एक अच्छा समझौता करना सबसे अच्छा होगा.
यह घटनाक्रम तब हुआ है जब आज ही ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दोनों पक्षों के बीच हालिया सैन्य तनाव के बाद ईरान ने अमेरिका से बैठक का अनुरोध किया था. उन्होंने घोषणा की कि तेहरान के साथ बातचीत मंगलवार (आज) को दोहा, कतर में होगी, जबकि ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इस सप्ताह कोई तकनीकी बैठक निर्धारित नहीं है.
‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है. यह मंगलवार को दोहा में होगी. ‘एक्सियोस’ (Axios) के अनुसार, कतर में होने वाली बैठक होर्मुज स्ट्रेट पर उनके विवाद को सुलझाने के लिए है. इस रणनीतिक जलमार्ग से समुद्री यातायात पर नियंत्रण को लेकर दोनों पक्षों की ओर से हाल ही में कई हमले हुए हैं.
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने ‘एक्सियोस’ को बताया, हमने सभी तरह की सैन्य कार्रवाई (kinetic activity) रोकने का फैसला किया है. अधिकारी ने हमलों और अन्य आक्रामक कार्रवाइयों के लिए सेना की शब्दावली का इस्तेमाल किया. एक अन्य अधिकारी ने ‘एक्सियोस’ को बताया कि दोनों पक्ष फिलहाल पीछे हटेंगे और जहाज स्वतंत्र रूप से आ-जा सकेंगे क्योंकि तकनीकी बातचीत जारी रहेगी.
अमेरिकी अधिकारियों और मामले की जानकारी रखने वाले एक तीसरे सूत्र, दोनों ने मंगलवार को होने वाली बैठक की पुष्टि की. हालांकि, ईरान के सरकारी प्रसारक ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग’ (IRIB) के अनुसार, ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने कहा कि 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत इस सप्ताह तकनीकी कार्य समूह की कोई बैठक निर्धारित नहीं है.
उन्होंने कहा कि कतर के साथ बातचीत सामान्य रूप से जारी है, खासकर दूसरे पक्ष द्वारा किए गए वादों को पूरा करने के बारे में, लेकिन उन खबरों की पुष्टि नहीं हो सकी, जिनमें कहा गया है कि दोहा में तकनीकी वर्किंग ग्रुप की बातचीत चल रही है. कतर ने तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत में मुख्य मध्यस्थों में से एक के तौर पर काम किया है.
गरीबाबादी ने आगे कहा कि तकनीकी बातचीत का पहला दौर तभी होगा जब ज़रूरी शर्तें पूरी हो जाएंगी और तारीख़ और जगह पर सहमति बन जाएगी. IRIB के अनुसार, उन्होंने कहा, तकनीकी बातचीत का पहला दौर तय वर्किंग ग्रुप के दायरे में होगा, जब शर्तें पूरी हो जाएंगी और तारीख़ और जगह पर सहमति बन जाएगी, और इस बारे में मध्यस्थ देशों के ज़रिए बातचीत जारी है. ट्रंप की घोषणा और तेहरान के इनकार से बातचीत की स्थिति को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग सार्वजनिक रुख का पता चलता है, जबकि कतर उनके बीच बातचीत में मदद करना जारी रखे हुए है.