गर्मी से बेहोश हुईं शिक्षिका, हार्ट अटैक समझकर राहगीरों ने दिया CPR; टूट गईं 2 पसलियां
TV9 Bharatvarsh July 02, 2026 03:43 AM

Morena News: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के कैलारस से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने आपातकालीन चिकित्सा सहायता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक शिक्षिका को गर्मी के कारण चक्कर आने पर हार्ट अटैक समझकर राहगीरों ने लगातार CPR दिया. बाद में पता चला कि उन्हें हार्ट अटैक नहीं आया था, बल्कि गलत तरीके से लंबे समय तक CPR देने के कारण उनकी दो पसलियां टूट गईं.

गर्मी के कारण स्कूटी से गिर पड़ी थीं शिक्षिका

जानकारी के अनुसार, तिलोंजरी हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ 41 वर्षीय शिक्षिका ललिता धाकड़ स्कूल जा रही थीं. इसी दौरान तेज गर्मी और चक्कर आने के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वह स्कूटी सहित सड़क पर गिरकर अचेत हो गईं. उन्हें सड़क पर गिरा देख आसपास के लोग और राहगीर मदद के लिए दौड़ पड़े.

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हार्ट अटैक समझकर राहगीरों ने शुरू कर दिया CPR

उसी समय वहां से गुजर रहे दो युवकों ने शिक्षिका को बेहोश देखा और उन्हें हार्ट अटैक आने की आशंका जताई. बिना किसी चिकित्सकीय पुष्टि के उन्होंने मौके पर ही CPR देना शुरू कर दिया. इसके बाद दोनों युवक शिक्षिका को अपनी गाड़ी से कैलारस अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक रास्ते भर भी उनके सीने पर लगातार दबाव डालकर CPR करते रहे.

अस्पताल में हुआ बड़ा खुलासा

कैलारस अस्पताल पहुंचने पर बीएमओ डॉ. मनीष शर्मा और उनकी टीम ने शिक्षिका की जांच की. डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें दिल का दौरा नहीं पड़ा था, बल्कि अत्यधिक गर्मी के कारण चक्कर आने से वह बेहोश हुई थीं. कुछ देर बाद शिक्षिका को होश आ गया, लेकिन उन्होंने सीने में तेज दर्द की शिकायत की.

गलत तकनीक से CPR देने से टूटी पसलियां

एक्स-रे जांच में पता चला कि लगातार और संभवतः गलत तकनीक से CPR देने के कारण उनकी दो पसलियां टूट गई थीं. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया गया.

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि आपात स्थिति में किसी की मदद करना सराहनीय है, लेकिन CPR जैसी जीवनरक्षक प्रक्रिया का सही प्रशिक्षण होना भी उतना ही जरूरी है. विशेषज्ञों का कहना है कि CPR केवल तब दिया जाना चाहिए, जब व्यक्ति की सांस और नाड़ी बंद हो तथा उसकी सही तकनीक का पालन किया जाए. गलत तरीके से या बिना आवश्यकता CPR देने से गंभीर शारीरिक नुकसान हो सकता है.

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