12वीं पास बेटियों से लेकर UPSC अभ्यर्थियों तक, बिहार सरकार दे रही है लाखों रुपये की मदद
रजनी उपाध्याय July 02, 2026 02:12 PM

बिहार सरकार छात्रों के लिए कई ऐसी योजनाएं चला रही है, जिनके जरिए स्कूल से लेकर कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक के लिए आर्थिक मदद मिलती है. खास बात यह है कि बेटियों, अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाई गई हैं.

सबसे पहले बात बेटियों की करें तो 12वीं पास करने वाली अविवाहित छात्राओं को मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाती है. इसका उद्देश्य लड़कियों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है. वहीं, राज्य के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने वाली छात्राओं को मुख्यमंत्री बालिका (ग्रेजुएशन) प्रोत्साहन योजना के तहत 25 हजार से 50 हजार रुपये तक की सहायता मिलती है.

इन स्कीम्स का लें फायदा

अगर आप एससी, एसटी, बीसी या ईबीसी वर्ग से आते हैं और 10वीं के बाद आगे की पढ़ाई कर रहे हैं, तो पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप (PMS) का लाभ उठा सकते हैं. इस योजना के तहत पढ़ाई से जुड़े खर्च और अन्य भत्ते सीधे छात्रों के बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेजे जाते हैं. इसके अलावा राज्य के डॉ. आंबेडकर कल्याण छात्रावास में रहने वाले एससी और एसटी छात्रों को हर महीने 2,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता भी दी जाती है.

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना

हायर एजुकेशन के लिए पैसे की चिंता करने वाले छात्रों के लिए बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना भी काफी मददगार है. इस योजना के तहत सरकार 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन उपलब्ध कराती है. सामान्य छात्रों के लिए ब्याज दर 4 प्रतिशत है, जबकि छात्राओं और दिव्यांग छात्रों को सिर्फ 1 प्रतिशत साधारण ब्याज पर यह सुविधा मिलती है.

यह भी पढ़ें - UP में ग्रेजुएशन कर रहीं बेटियों के लिए खुशखबरी! सरकार दे रही स्कॉलरशिप, पढ़ाई का खर्च होगा कम 

इन्हें भी मिल रही मदद

बिहार सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को भी प्रोत्साहित कर रही है. मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत यूपीएससी, बीपीएससी, एनडीए, सीडीएस और बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रारंभिक चरण में सफल होने वाले अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के अभ्यर्थियों को 30 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की एकमुश्त सहायता दी जाती है.

अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए भी सरकार ने अलग योजनाएं शुरू की हैं. मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत मैट्रिक परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास करने वाले अल्पसंख्यक छात्रों को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है. वहीं, मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को अल्पसंख्यक छात्रावास अनुदान योजना के तहत हर महीने आर्थिक सहायता भी मिलती है.

यह भी पढ़ें - B.Sc करने वालों को यूपी सरकार दे रही स्कॉलरशिप, यहां जाने कैसे कर सकते हैं आवेदन

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.