दुनिया के कई देशों में कारोबार की रफ्तार धीमी पड़ने के बावजूद भारत का उपभोक्ता बाजार लगातार मजबूत बना हुआ है. इसी भरोसे के चलते देश की बड़ी भारतीय और बहुराष्ट्रीय उपभोक्ता कंपनियां अगले दो वर्षों में नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के जरिए करीब 5,000 नई नौकरियां देने की तैयारी कर रही हैं.
PepsiCo ने मंगलवार को घोषणा की कि वह मध्य प्रदेश के उज्जैन में 1,266 करोड़ रुपये की लागत से पेय पदार्थों के फ्लेवर बनाने का नया प्लांट लगाएगी. इस परियोजना में करीब 500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है.
कंपनी के इंटरनेशनल बेवरेज बिजनेस के CEO यूजीन विलेम्सन ने कहा कि भारत उनके लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ग्रोथ मार्केट्स में से एक है. यह भारत में कंपनी का दूसरा और दुनिया का नौवां फ्लेवर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट होगा.
McDonald’s, L’Oréal और Carrier भी कर रहे हैं भर्तीMcDonald’s और L’Oréal भारत में अपने नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के लिए कर्मचारियों की भर्ती कर रहे हैं.वहीं Carrier Global ने आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में 100 मिलियन डॉलर की लागत से नया प्लांट लगाने की योजना बनाई है. कंपनी यहां 1,500 कर्मचारियों की भर्ती करेगी.
L’Oréal 2030 तक देगा 2,000 नौकरियांब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाने वाली L’Oréal हैदराबाद में 3,500 करोड़ रुपये की लागत से अपना पहला ग्लोबल टेक हब बना रही है. कंपनी का कहना है कि इस परियोजना के जरिए 2030 तक करीब 2,000 कुशल लोगों को रोजगार मिलेगा.
Haleon पहली बार भारत में करेगी स्थानीय उत्पादनSensodyne टूथपेस्ट और Centrum सप्लीमेंट बनाने वाली Haleon मध्य प्रदेश में 2,000 करोड़ रुपये का नया प्लांट स्थापित कर रही है. इससे करीब 500 प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी, जबकि अप्रत्यक्ष रोजगार के भी बड़े अवसर बनेंगे.
कंपनी के भारत और दक्षिण एशिया प्रमुख केदार लेले ने कहा कि इस परियोजना में स्थानीय प्रतिभाओं, कौशल विकास और सप्लायर नेटवर्क को प्राथमिकता दी जाएगी.
Dabur भी बढ़ा रही है निवेशDabur तमिलनाडु में नया ग्रीनफील्ड प्लांट स्थापित कर रही है. कंपनी के CEO मोहित मल्होत्रा के मुताबिक, इस परियोजना में 400 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिसमें से लगभग एकतिहाई निवेश पर काम शुरू हो चुका है.इस प्लांट से करीब 250 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है.
Carlsberg का पहला IT GCCडेनमार्क की Carlsberg Group गुरुग्राम में अपना पहला आईटी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित कर रही है. शुरुआती चरण में कंपनी 300 से अधिक आईटी प्रोफेशनल्स की भर्ती करेगी.
कंपनी की CIO एस्थर वू के अनुसार, यह केंद्र कंपनी के आईटी सिस्टम को मजबूत करेगा, डिजिटल बदलाव को गति देगा और नई तकनीकी क्षमताएं विकसित करेगा.
भारत में मिल रहे हैं बेहतर करियर के अवसरभर्ती विशेषज्ञों का कहना है कि GCC के बढ़ते विस्तार से भारत में अलगअलग क्षेत्रों और पदों पर नौकरियों के नए अवसर बन रहे हैं. अधिकांश कंपनियां स्थानीय प्रतिभाओं को ही प्राथमिकता दे रही हैं.
Positive Moves Consulting की पार्टनर सोनल बहल ने कहा कि अब GCC सिर्फ बैकऑफिस नहीं रहे. यहां कर्मचारियों को वैश्विक जिम्मेदारियां, तेज फैसले लेने का मौका और बेहतर करियर ग्रोथ मिल रही है, जो कई पारंपरिक नौकरियों से भी ज्यादा आकर्षक है.
भारत की मांग बनी हुई है मजबूतहालांकि जून में निजी क्षेत्र की गतिविधियों की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई, लेकिन HSBC के परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स सर्वे के मुताबिक घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुधार जारी है.
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकाईरान तनाव और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के बावजूद भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत बनी हुई है. यही वजह है कि बड़ी कंपनियां भारत में निवेश बढ़ाने और नई नौकरियां देने पर लगातार जोर दे रही हैं.