'वो लापरवाही के दोषी...', राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय पर VHP अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष का बड़ा बयान
शैलजाकांत मिश्रा July 02, 2026 09:12 PM

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने साफ कहा कि जो कुछ भी हुआ है, वह बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है. दुनियाभर के हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि वीएचपी दान चोरी के लिए जिम्मेदार नहीं है. चंपत राय के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा कि वह केस की जांच पूरी होने का इंतजार करेंगे, इसके बाद ही उन पर एक्शन पर विचार किया जाएगा.

एचटी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ही यह साफ कर दिया गया था कि विश्व हिंदू परिषद का काम पूरा हो चुका है. राम मंदिर के निर्माण और उसके संचालन की जिम्मेदारी वीएचपी की नहीं है.

चंपत राय पर कार्रवाई को लेकर क्या कहा?

चंपत राय के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कहा, 'मामले में SIT जांच के बाद ही चंपत राय ने मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था. आप चाहते हैं कि जांच के नतीचे आए बिना ही उनको बर्खास्त कर दिया जाए, लेकिन किसी ने राय पर आरोप नहीं लगाया है. आरोप उनके ड्राइवर पर हैं.'

उन्होंने आगे कहा कि चंपत राय विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, लेकिन उनको ट्रस्ट के महासचिव पद पर वीएचपी की ओर से शामिल नहीं किया गया है, हम इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, 'मैं यह स्वीकार करता हूं कि वह लापरवाही के दोषी हो सकते हैं.' 

VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष ने रखीं चार मांगें

आलोक कुमार ने जनता का भरोसा बहाल करने के लिए एफआईआर, तेजी से जांच, फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है. उन्होंने इससे पहले सोशल मीडिया 'एक्स' हैंडल पर एक पोस्टर शेयर किया, जिसमें उगते सूरज की रोशनी में भव्य राम मंदिर की तस्वीर थी. इस पोस्टर में उन्होंने मंदिर ट्रस्ट में कथित गड़बड़ियों को दूर करने के लिए चार मुख्य मांगें रखीं.'

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पहली मांग में कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए तुरंत एफआईआर दर्ज करने को कहा गया है. दूसरी मांग में मंदिर से जुड़े मामलों की चल रही या जरूरी जांच में तेजी लाने पर जोर दिया गया है. आलोक कुमार ने मामले की रोजाना सुनवाई और समय पर न्याय तय करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने या उसे सक्रिय करने की भी मांग की है.  उन्होंने इस बात पर जोर दिया गया है कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए.

यूपी सरकार ने बनाई SIT

यूपी सरकार ने तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया. एसआईटी दान के हिसाब-किताब, जमीन के लेन-देन, गायब कीमती सामान और प्रक्रिया में हुई खामियों की जांच कर रही है. एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. उधर, ट्रस्ट ने किसी भी बड़ी गड़बड़ी से इनकार किया है.

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