मणिपुर में फिर से बढ़ा तनाव, 6 नागा लोगों की हत्या के बाद हाईवे पर नाकेबंदी, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
TV9 Bharatvarsh July 03, 2026 11:42 AM

मणिपुर में एक बार फिर स्थिति खराब होती जा रही है. राज्य में 6 आम लोगों की हत्या के बाद नागा समूहों की ओर से लंबे समय से की जा रही आर्थिक नाकेबंदी की वजह से अधिकारियों को नेशनल हाईवे-2 (NH-2) पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी है. यह विरोध प्रदर्शन उन 6 लोगों की हत्या के बाद शुरू हुआ, जिनका कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया था.

इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए, इंफाल पश्चिम के अधिकारियों ने कल गुरुवार को NH-2 पर स्थित नामदुइलोंग में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्पेशल ड्यूटी पर पुलिस टीमों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CRPF) के जवानों को तैनात करने का आदेश जारी किया. यहीं पर मुख्य रूप से आर्थिक नाकेबंदी की जा रही है.

नागा लोगों के लिए न्याय की मांग

प्रदर्शनकारी 6 लियांगमाई नागा लोगों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं, जिनके क्षत-विक्षत शव करीब एक महीने तक बंधक बनाए रखे जाने के बाद बरामद किए गए थे. पीड़ितों का कथित तौर पर 13 मई को हथियारबंद कुकी उग्रवादियों ने अपहरण कर लिया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई. पुलिस इस दावे की जांच कर रही है.

ये प्रदर्शनकारी मारे गए लोगों के हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की भी मांग कर रहे हैं और साथ ही कुकी समुदाय के लोगों द्वारा हत्याओं के संबंध में दिए गए कथित कबूलनामे वाले बयानों की भी निंदा कर रहे हैं.

गाड़ियों की आवाजाही को रोक रहे प्रदर्शनकारी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि करीब 40 स्थानीय लियांगमाई नागा स्वयंसेवक, मैतेयी महिलाओं के साथ मिलकर, नामदुइलोंग क्रॉसिंग पर गाड़ियों की आवाजाही पर नजर रख रहे थे और इंफाल से कांगपोकपी जिले जाने वाले सामान और अन्य जरूरी चीजों की आवाजाही को रोक रहे थे. हालांकि सुरक्षा बलों और इमरजेंसी सेवाओं से जुड़ी गाड़ियों को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है. इस बीच, सीमित संख्या में कुछ अंतर-राज्यीय और अंतर-जिला यात्री वाहन भी इस रास्ते पर चल रहे हैं.

नागा संगठनों का यह विरोध प्रदर्शन, पिछले महीने 5 जून को तब शुरू हुआ था और गुरुवार, 2 जुलाई को अपने 28वें दिन में प्रवेश कर गया. पुलिस ने कहा कि नाकेबंदी करने वाले स्वयंसेवक और समर्थकों को इकट्ठा कर रहे हैं क्योंकि उन्हें आशंका है कि अधिकारी हाईवे को खाली कराने की कोशिश कर सकते हैं.

दूसरी ओर, कुकी-जो समुदाय के लोग, 30 जून से कांगपोकपी जिले में जवाबी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और इस बेहद अहम अंतर-राज्यीय सड़क पर आवाजाही को फिर से शुरू करने की मांग कर रहे हैं.

इंफाल में प्रदर्शनकारियों ने गाड़ी में आग लगाई

एक अन्य घटना में, कल गुरुवार को तड़के करीब 1.30 बजे, इंफाल पूर्व में प्रदर्शनकारियों ने टेलीकॉम से जुड़े उपकरण ले जा रहे एक वाहन में आग लगा दी. यह आग तब लगाई गई जब यह झूठा दावा किया गया कि गाड़ी का इस्तेमाल अवैध सामान ले जाने के लिए किया जा रहा था. पुलिस के अनुसार, गाड़ी कांगपोकपी जिले की ओर जा रही थी, लेकिन इंफाल ईस्ट में सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक लिया और वहां के मौजूदा कानून-व्यवस्था के हालात को देखते हुए वापस इंफाल वापस जाने का निर्देश दिया.

हालांकि, लौटते समय इंफाल ईस्ट में प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने गाड़ी को रोक लिया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गाड़ी में तंबाकू उत्पादों और अन्य नशीले पदार्थों जैसी प्रतिबंधित चीजें रखी हुई थीं, और इसके बाद उन्होंने गाड़ी में आग लगा दी. पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में किया. हालांकि, तब तक गाड़ी को नुकसान पहुंच चुका था.

इस घटना को लेकर केस दर्ज कर लिया गया है और आगजनी में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए जांच चल रही है. साथ ही हाईवे कॉरिडोर पर भी तनाव बना हुआ है, इसलिए अधिकारी प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं.

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