Kokila Vrat 2026: जुलाई में कब रखा जाएगा कोकिला व्रत? जानें डेट, पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि
TV9 Bharatvarsh July 04, 2026 11:43 PM

Kokila Vrat 2026: सनातन धर्म में कई विशेष व्रत बताए गए हैं. इन्हीं में शामिल है कोकिला व्रत. ये महिलाओं द्वारा किया जाने वाला एक खास व्रत माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, ये व्रत भगवान शिव और माता सती को समर्पित किया गया है. कुछ इलाकोंं में ये व्रत आषाढ़ पूर्णिमा से श्रावण पूर्णिमा तक यानी एक माह के लिए रखने की पंरपरा है. इस व्रत में व्रती महिलाएं सुबह जल्दी उठकर नदी या जलाशय में स्नान करती हैं.

इसके बाद मिट्टी से कोयल की मूर्ति बनाती हैं और उसकी पूजा-अर्चना करती हैं. धार्मिक मान्यता है जों महिलाएं कोकिला व्रत करती हैं, उनका वैवाहिक जीवन खशहाली में बितता है. उनके पति को लंबी आयु का वरदान प्राप्त होता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल जुलाई माह में ये व्रत 28 जुलाई को मंगलवार के दिन रखा जाएगा. आइए जानते हैं कोकिला व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि.

कोकिला व्रत की तिथि (Kokila Vrat 2026 Tithi)
  • द्रिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत इस साल 28 जुलाई के दिन मंलवार को शाम 06 बजकर 18 मिनट पर होगी.
  • वहीं इस पावन तिथि का समापन अगले दिन 29 जुलाई को बुधवार के दिन रात 08 बजकर 05 मिनट पर होगा.

ऐसे में कोकिला व्रत इस साल 28 जुलाई को मंगलवार के दिन रखा जाएगा.

कोकिला व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त (Kokila Vrat 2026 Puja Subh Muhurat)

द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल कोकिला व्रत के दिन प्रदोष काल के समय पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 07 बजकर 15 मिनट पर शुरू होगा. ये शुभ मुहूर्त रात को 09 बजकर 20 मिनट तक रहेगा. इस तरह से कोकिला व्रत पर व्रती महिलाओं को पूजा के लिए 02 घंटे 05 मिनट का समय मिलेगा.

कोकिला व्रत की पूजा विधि (Kokila Vrat Puja Vidhi)

कोकिला व्रत के व्रती महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. फिर साफ वस्त्र पहनकर भगवान सूर्य को अर्घ्य चढ़ाएं. इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा उपासना करें. कोयल की मूर्ति की पूजा करें. पूरा दिन निराहार व्रत रखें. एक समय फलाहार ग्रहण करके भी ये व्रत रखा जा सकता है. इस व्रत की मुख्य पूजा शाम को प्रदोष काल के समय में की जाती है. शाम को फिर विधि विधान से शिव-शक्ति की अराधना करें. कोकिला व्रत की कथा पढ़ें या सुनें. पूजा के बाद फलाहार ग्रहण करें.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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