Chandigarh Building Collapse: चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में शनिवार शाम एक पुरानी बिल्डिंग अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. हादसे के समय बिल्डिंग के भीतर करीब छह लोग काम कर रहे थे. सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया. अब तक चार लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि दो लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है. उन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है.
जानकारी के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण बिल्डिंग के पुराने ढांचे में नमी आ गई थी. माना जा रहा है कि इसी वजह से बिल्डिंग की छत कमजोर हो गई और अचानक पूरी बिल्डिंग ढह गई. हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी.
राहत और बचाव कार्य जारीघटनास्थल पर पहुंची राहत टीमों ने मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू किया. चार लोगों को बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. वहीं दो अन्य लोगों की तलाश के लिए भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद ली जा रही है.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है. एनडीआरएफ के जवान स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर मलबा हटाने और फंसे लोगों तक सुरक्षित पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं. पूरे इलाके को सुरक्षा की दृष्टि से खाली करा दिया गया है ताकि बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए.
दो लोग मलबे में दबेघटना की जानकारी मिलते ही पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व सांसद पवन बंसल भी घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया और अधिकारियों से जल्द से जल्द मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि बचाव दल जल्द सफलता हासिल करेगा.
फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस मलबे में फंसे दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है. साथ ही इमारत गिरने के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है. शुरुआती तौर पर जर्जर भवन और लगातार बारिश को हादसे की वजह माना जा रहा है.