Mission Kayakalp: दिल्ली के सरकारी स्कूलों की बदल रही तस्वीर, मिशन कायाकल्प से हो रहे बड़े बदलाव
TV9 Bharatvarsh July 05, 2026 06:43 PM

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी के सरकारी स्कूलों को केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, आधुनिक और प्रेरणादायक शिक्षण परिसर बनाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने मिशन कायाकल्प की शुरुआत की है. इस विशेष अभियान के तहत राजधानी के विभिन्न जिलों में चयनित सरकारी स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और स्टूडेंट्स को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बड़े स्तर पर सुधार कार्य किए जा रहे हैं.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मिशन कायाकल्प को जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत सहयोग देने वाली संस्थाओं, विभिन्न सामाजिक संगठनों, मार्केट एसोसिएशनों और स्थानीय समुदाय के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है. सरकारी संसाधनों के साथ-साथ समाज की भागीदारी से स्कूलों में तेजी से सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी का एक प्रभावी उदाहरण है.

उत्तर दिल्ली के स्कूलों में सेंसरी पार्क और आधुनिक सुविधाएं

मिशन कायाकल्प के तहत दिल्ली के विभिन्न जिलों में सरकारी स्कूलों में तेजी से बदलाव दिखाई देने लगे हैं. उत्तर जिले में छह सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने के बाद दो विद्यालयों का चयन किया गया. लगभग 16.20 लाख रुपये की लागत से शंकराचार्य मार्ग स्थित विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सेंसरी पार्क का नवीनीकरण, आरओ प्लांट और वॉटर कूलर लगाए गए. वहीं रूप नगर स्थित सरकारी स्कूल में स्टूडेंट्स की प्रयोगात्मक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए फिजिक्स प्रयोगशाला का आधुनिकीकरण किया गया.

दक्षिण दिल्ली के दो स्कूलों में विकास कार्य

दक्षिण जिले के रामानुजन सर्वोदय कन्या विद्यालय (महरौली) में लगभग 48.73 लाख रुपये और सर्वोदय को-एड सीनियर सेकेंडरी विद्यालय (कुतुब महरौली) में करीब 98.58 लाख रुपये की लागत से बड़े स्तर पर सुधार कार्य किए गए हैं. दोनों स्कूलों में शौचालयों का कायाकल्प, सैनिटरी फिटिंग को बदलना, दीवारों और छतों के रिसाव व प्लास्टर को ठीक करना और पूरे भवन की हाई क्वालिटी वाले मौसमरोधी पेंट से रंगाई-पुताई की गई है. साथ ही, परिसर व गलियारों की सफाई, सौंदर्यीकरण, दो आधुनिक वॉटर कूलर लगाने और स्कूल को हरा-भरा बनाने के लिए पौधारोपण जैसे काम हुए हैं.

पश्चिम दिल्ली के स्कूलों में सुधार कार्य

पश्चिम जिले के मोहन गार्डन और जनकपुरी में स्थित सरकारी स्कूलों में मिशन कायाकल्प के तहत व्यापक आधारभूत ढांचा सुधार कार्य किए जा रहे हैं. मोहन गार्डन विद्यालय में लगभग 77.71 लाख रुपये की लागत से छत की मरम्मत एवं वॉटरप्रूफिंग, पेयजल क्षेत्र का नवीनीकरण, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सीवर लाइन एवं स्टाफ शौचालयों का सुधार और अन्य सिविल एवं विद्युत कार्य किए जा रहे हैं. वहीं जनकपुरी स्थित जीएसकेवी में लगभग 38.77 लाख रुपये की लागत से एमपी हॉल की वॉटरप्रूफिंग, नए आरओ प्लांट और वॉटर कूलर की स्थापना, शौचालयों के डॉक्यूमेंट्स का प्रतिस्थापन और विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने जैसे कार्य किए जा रहे हैं.

उत्तर-पूर्व दिल्ली के स्कूलों में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर जोर

उत्तर-पूर्व जिले के गोकलपुर स्थित सरकारी स्कूल में लगभग 6.70 लाख रुपये और शाहदरा के मणि बेन पटेल भारतीय महिला सर्वोदय विद्यालय में करीब 2.90 लाख रुपये की लागत से बड़े स्तर पर सुधार कार्य किए गए हैं. इन दोनों स्कूलों में शौचालयों का नवीनीकरण व गहरी सफाई, सैनिटरी फिटिंग और पुराने नलों को बदलना, सीपेज व प्लास्टर को ठीक करना और भवनों की हाई क्वालिटी वाले पेंट से रंगाई-पुताई की गई है. इसके साथ ही, परिसरों को सुंदर व हरा-भरा बनाने के लिए पौधारोपण किया गया, पेयजल स्थलों की सफाई के साथ नए वॉटर कूलर लगाए गए और शाहदरा स्कूल की लाइब्रेरी के लिए नई कुर्सियों की व्यवस्था की गई. छात्रों को प्रेरित करने के लिए शाहदरा स्कूल में मणि बेन पटेल और सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र भी लगाए गए हैं, जिससे अब दोनों स्कूलों का माहौल स्टूडेंट्स के लिए ज्यादा स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक बन गया है.

आउटर नॉर्थ के स्कूल में स्पेस लैब और नई सुविधाओं का विस्तार

आउटर नॉर्थ जिले के सावदा घेवरा कम्युनिटी बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल में करीब 8 लाख रुपये की लागत से कई काम किए गए हैं. यहां स्कूल की इमारतों की मरम्मत की गई, उखड़े हुए प्लास्टर को ठीक किया गया और प्राइमरी व सीनियर दोनों विंग की रंगाई-पुताई की गई. इसके अलावा, स्कूल में एक ढका हुआ शेड बनाया गया, एक स्पेस लैब स्थापित की गई और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया गया. इस पूरे प्रोजेक्ट को मुंडका इंडस्ट्रियल एसोसिएशन, जिला प्रशासन और एसडीएम (उप-मंडल मजिस्ट्रेट) कार्यालय के अधिकारियों ने आपस में मिलकर पूरा सहयोग दिया. जिला प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की गई. स्कूलों में किए गए ये सभी कार्य जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी, लोकल एजेंसियों और स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों के सहयोग से किए गए.

मिशन कायाकल्प का लक्ष्य: सरकारी स्कूलों का विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन कायाकल्प केवल रंग-रोगन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी स्कूलों के समग्र रूपांतरण का अभियान है. इसके तहत स्कूल भवनों की मरम्मत, दीवारों की पेंटिंग एवं वाइटवॉश, जर्जर शौचालयों का नवीनीकरण, स्वच्छ पेयजल के लिए आरओ प्लांट और वॉटर कूलर की स्थापना, साइंस प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सुविधाओं का विकास, स्कूल परिसरों का सौंदर्यीकरण, हरियाली बढ़ाने और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण तैयार करने जैसे अनेक कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं.

मुख्यमंत्री बोलीं- सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल रही है

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मिशन कायाकल्प के तहत किए जा रहे कार्यों से कई सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल चुकी है. जहां पहले कई स्थानों पर जर्जर भवन, उखड़ी हुई दीवारें, पुराने शौचालय और सीमित सुविधाएं थीं, वहीं अब वही स्कूल साफ-सुथरे, रंग-रोगन से सुसज्जित, बेहतर पेयजल सुविधाओं से लैस और विद्यार्थियों के लिए अधिक सुरक्षित एवं प्रेरक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने वाले परिसर के रूप में विकसित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार आने वाले समय में भी सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने, स्टूडेंट्स को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी ताकि राजधानी का प्रत्येक सरकारी विद्यालय उत्कृष्ट शिक्षण वातावरण का उदाहरण बन सके.

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