Heavy Rain: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, लेकिन बारिश जहां एक ओर गर्मी से राहत लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में यह आफत बन गई है. महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. भारी बारिश की वजह से कहीं-कहीं सड़कें तालाबों में बदल गई हैं, कहीं घरों और दुकानों में पानी भर गया है, तो कहीं पेड़ गिरने और तेज बहाव की घटनाओं ने लोगों की जान ले ली.
सबसे ज्यादा तबाही देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में देखने को मिल रही है. हर साल मानसून से पहले करोड़ों रुपये खर्च कर जल निकासी, नालों की सफाई और आपदा प्रबंधन के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में इन दावों की पोल खुल जाती है. सवाल यह है कि आखिर मुंबई समेत देश के बड़े शहर हर साल बारिश में क्यों डूब जाते हैं? क्या इसके पीछे सिर्फ रिकॉर्ड बारिश का होना है या फिर सिस्टम की खामियां भी उतनी ही बड़ी वजह हैं?
फोटो- पीटीआई
कई राज्यों में थमी रफ्तारइस बार मानसून ने एक साथ कई राज्यों में दस्तक दी है. महाराष्ट्र से लेकर गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर तक लगातार हो रही बारिश ने सड़क, रेल और सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है. कई इलाकों में जलभराव की वजह से यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है.
हालात ऐसे बन गए हैं कि कहीं-कहीं गाड़ियां आधे पानी में डूबी दिखाई दी तो कहीं लोगों को रस्सियों के सहारे सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा. कई स्थानों पर पेड़ गिरने, मकानों में पानी भरने और तेज बहाव में लोगों के फंसने की घटनाएं भी सामने आई हैं.
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मुंबई फिर क्यों डूब गई?मुंबई की पहचान देश की आर्थिक राजधानी के रूप में है. हर साल यहां करोड़ों लोग मानसून के दौरान अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जारी रखते हैं. लेकिन हर साल की तरह इस बार भी कुछ घंटों की तेज बारिश ने शहर की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए. मुंबई के कई इलाकों में सड़कें तालाब बन गई हैं. कई स्थानों पर गाड़ियों का आधा हिस्सा पानी में डूब गया. रेलवे ट्रैक पानी से भर गए, जिससे रेल सेवाएं प्रभावित हुईं. लोगों को घंटों तक जाम और जलभराव का सामना करना पड़ा.
सबसे ज्यादा परेशानी निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को हुई, जहां घरों, दुकानों और पार्किंग तक में पानी भर गया. इससे साफ है कि बारिश का संकट केवल प्राकृतिक नहीं, बल्कि शहरी प्रबंधन की चुनौती भी है.
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वसई में पांच फीट तक भरा पानीमुंबई के वसई पूर्व इलाके में भारी बारिश के बाद करीब पांच फीट तक पानी भर गया. कई रिहायशी परिसरों के पार्किंग लॉट और ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह जलमग्न हो गए. कई परिवार अपने घरों में फंस गए. राहत टीमों और स्थानीय लोगों ने मिलकर रस्सियों की मदद से करीब 20 से 25 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. वहीं, कई वाहन पानी में डूब गए, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ रहा है.
पानी भरे रेलवे ट्रैक पर दौड़ी वंदे भारतलगातार बारिश का असर मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली रेलवे पर भी पड़ा. कई स्थानों पर रेलवे ट्रैक पानी से भर गए. कांजुरमार्ग के पास पानी से लबालब ट्रैक पर तेज रफ्तार से गुजरती वंदे भारत एक्सप्रेस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में ट्रेन पानी को चीरते हुए आगे बढ़ती दिखाई दे रही है. हालांकि ट्रेन का संचालन जारी रहा, लेकिन ऐसे में यह सवाल भी उठाता हैं कि क्या जलभराव के दौरान रेल सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह पर्याप्त है.
पेड़ गिरने से गई जानमुंबई के कुर्ला इलाके में 63 वर्षीय यूनुस कुंडावाला अपनी बाइक दुकान के सामने खड़ी कर रहे थे. तभी अचानक एक बड़ा पेड़ टूटकर उन पर गिर गया. आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके.
घटना के बाद मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की गई. लेकिन इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए. यदि समय रहते कमजोर और जर्जर पेड़ों की पहचान कर उन्हें हटाया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था.
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माटुंगा में बाल-बाल बची 15 लोगों की जानमुंबई के माटुंगा इलाके में भी तेज बारिश के दौरान एक विशाल पेड़ सड़क पर खड़ी कार और टैक्सी पर गिर पड़ा. इन दोनों वाहनों में कुल 15 लोग सवार थे. राहत की बात यह रही कि स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद करते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
रायगढ़ में ग्रामीण बने देवदूतमहाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के खोपोली स्थित जेनिथ वॉटरफॉल पर भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे थे. अचानक पानी का स्तर तेजी से बढ़ गया और 100 से अधिक पर्यटक बीच में फंस गए. ऐसे समय में स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए रस्सियों की मदद से सभी पर्यटकों को बाहर निकाला.
वलसाड में भी बिगड़े हालातभारी बारिश का असर गुजरात के वलसाड जिले में भी साफ दिखाई दे रहा है. सड़कों पर कई फीट पानी भर गया. कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है. कई इलाकों में लोगों को जरूरी सामान तक पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
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जम्मू-कश्मीर में बढ़ा नदी का जलस्तरजम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में भारी बारिश के बाद बसंतर नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया. इस दौरान पांच लोग नदी के बीच में फंस गए. सूचना मिलने पर पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
एमपी-छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिशमध्य प्रदेश में भी लगातार हो रही तेज बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है. मंडला में नर्मदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है. वहीं बड़वानी में मानसून की पहली तेज बारिश ने ही शहर की सड़कों को जलमग्न कर दिया है. वहीं, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया. सड़कें पानी में डूब गईं. कई मोहल्लों और घरों में पानी भर गया. लोगों को आवागमन से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक में दिक्कतों का सामना करना पड़ा.