Ranchi News: डिजिटल दौर में भले ही चिट्ठियों का चलन कम हो गया हो, लेकिन डाक विभाग आज भी आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड और सरकारी नोटिस जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का अहम माध्यम बना हुआ है. लेकिन झारखंड की राजधानी रांची में डाक विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है.
रांची के कांके प्रखंड के पिठोरिया इलाके में तैनात एक डाकिया पिछले करीब एक साल से लोगों की डाक उनके घरों तक पहुंचाने के बजाय अपने घर में बोरियों में भरकर रखता रहा. आरोपी डाकिया की पहचान विकास कुमार के रूप में हुई है. उसकी इस लापरवाही की वजह से उसे सस्पेंड कर दिया गया है.
कई लोगों के एटीएम-आधार मिलेजानकारी के मुताबिक, पिठोरिया क्षेत्र के सैकड़ों लोग पिछले कई महीनों से इस बात से परेशान थे कि उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक से जुड़े दस्तावेज और अन्य जरूरी डाक समय पर नहीं पहुंच रहे थे. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद डाक विभाग ने मामले की जांच शुरू की. जांच के दौरान जब अधिकारियों ने डाकिया के घर की तलाशी ली तो वहां बोरियों में भरे सैकड़ों महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए.
लोगों को हो रही थी परेशानीबरामद दस्तावेजों में आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, आयकर विभाग के नोटिस, लोक अदालत से संबंधित दस्तावेज और अन्य सरकारी पत्र शामिल हैं. आशंका है कि समय पर दस्तावेज नहीं मिलने की वजह से कई लोगों को आर्थिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा होगा.
आरोपी डाकिया सस्पेंडमामले के सामने आने के बाद डाक विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही माना है. पोस्ट ऑफिस के इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने कहा कि संबंधित डाकिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाएगा. साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच कर यह भी पता लगाया जाएगा कि इतनी लंबी अवधि तक यह लापरवाही कैसे जारी रही और क्या इसमें किसी अन्य कर्मचारी की भी भूमिका रही है.