July 2026 Planet Transit: जुलाई में राहु-केतु की चाल से बदलेगा ग्रहों का खेल, रिश्तों पर पड़ सकता है असर
TV9 Bharatvarsh July 06, 2026 01:43 PM

July 2026 Grah Gochar: ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से जुलाई का यह महीना बेहद उथल-पुथल भरा और विशेष महत्व का रहने वाला है. पंचांग की गणना के अनुसार, अंतरिक्ष में एक ऐसी दुर्लभ और बड़ी खगोलीय स्थिति बनी है, जो देश-दुनिया से लेकर आम जनमानस के जीवन को गहराई से प्रभावित करने वाली है. ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस समय सूर्य और शनि समेत सभी प्रमुख ग्रह राहु-केतु के कड़े घेरे में आ चुके हैं, जिससे कई बड़े ज्योतिषीय संकेत मिल रहे हैं. आइए विस्तार से समझते हैं कि ग्रहों की यह स्थिति कब तक रहेगी, इससे क्या-क्या बड़े बदलाव आ सकते हैं और इस दौरान आपको किन बातों का विशेष ख्याल रखना होगा.

जुलाई के महीने में होने जा रहे हैं ये 5 बड़े ग्रह परिवर्तन

राहु-केतु के इस घेरे के बीच जुलाई के महीने में पांच प्रमुख ग्रहों की चाल और स्थिति में भी बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा. यही कारण है कि इस महीने को ग्रहों के गोचर के लिहाज से बहुत संवेदनशील माना जा रहा है.

  • 7 जुलाई: बुध ग्रह का मिथुन राशि में गोचर होगा.
  • 15 जुलाई: ज्ञान और सुख के कारक देवगुरु बृहस्पति अस्त हो जाएंगे.
  • 16 जुलाई: ग्रहों के राजा सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे.
  • 24 जुलाई: राजकुमार बुध देव अपनी चाल बदलते हुए मार्गी हो जाएंगे.
  • 26 जुलाई: कर्मफल दाता शनिदेव कुंभ राशि में वक्री गति से चलना शुरू करेंगे.
18 जुलाई तक राहु-केतु के मध्य रहेंगे सभी ग्रह

ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है. जब अधिकांश ग्रह इन दोनों के बीच आ जाते हैं तो इसे विशेष ज्योतिषीय स्थिति माना जाता है. इस दौरान ग्रहों का सामूहिक प्रभाव व्यक्ति के निर्णय, मानसिक स्थिति और सामाजिक वातावरण पर असर डाल सकता है. कई ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दौरान राजनीति में बड़े फेरबदल और प्राकृतिक आपदाओं के आने की संभावनाएं बन रही हैं. हालांकि इन मान्यताओं का वैज्ञानिक प्रमाण तो नहीं है, लेकिन वैदिक ज्योतिष में इनका विशेष महत्व माना जाता है.

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, बीती 4 जुलाई को जैसे ही चंद्रमा ने कुंभ राशि में प्रवेश किया, वैसे ही यह विशेष और दुर्लभ ग्रह स्थिति प्रभावी हो गई है. वर्तमान में सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि यानी सभी सात मुख्य ग्रह राहु और केतु के मध्य बीच में फंसे हुए हैं. ग्रहों के राहु-केतु के घेरे में रहने की यह विशेष स्थिति आगामी 18 जुलाई तक लगातार बनी रहेगी. 18 जुलाई को जब चंद्रमा कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, तब जाकर सभी प्रमुख ग्रह राहु-केतु के इस घेरे से बाहर निकलना शुरू होंगे और तभी यह विशेष ज्योतिषीय संयोग पूरी तरह खत्म माना जाएगा.

कालसर्प योग जैसे बन सकते हैं संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रहों की मौजूदा स्थिति कालसर्प योग जैसी परिस्थितियों का संकेत दे सकती है. हालांकि इसका प्रभाव हर व्यक्ति की जन्म कुंडली के अनुसार अलग-अलग होता है. इसलिए केवल गोचर के आधार पर किसी फाइनल नतीजे पर पहुंचना सही नहीं माना जाता. जिन लोगों की कुंडली में पहले से राहु-केतु का प्रभाव अधिक है, उन्हें इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.

रिश्तों और करियर पर पड़ सकता है असर

ग्रहों की बदलती चाल का असर पारिवारिक जीवन, वैवाहिक संबंधों और कार्यक्षेत्र पर भी देखने को मिल सकता है. कुछ लोगों के लिए गलतफहमियां बढ़ने की संभावना रहेगी, जबकि कार्यस्थल पर फैसले सोच-समझकर लेने की जरूरत होगी. आर्थिक मामलों में भी जल्दबाजी से बचने और निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेने की सलाह दी जाती है.

इस दौरान क्या रखें सावधानी?

जुलाई के इस विशेष ग्रह संयोग के दौरान क्रोध और तनाव से बचने की कोशिश करें. बड़े आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें और किसी भी विवाद में जल्दबाजी न करें. नियमित रूप से भगवान शिव, भगवान विष्णु या अपने इष्ट देव की पूजा करना, ध्यान करना और सकारात्मक सोच बनाए रखना लाभकारी माना जाता है. जरूरतमंद लोगों की सहायता और दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है.

ये भी पढ़ें: 13 जुलाई को बनने जा रहा है खतरनाक डबल षडाष्टक योग, इन 4 राशियों पर मंडरा सकता है संकट!

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.