
Mumbai , 6 जुलाई . Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Monday को चेतावनी दी कि Mumbai और उसके आसपास के इलाकों में बहुत तेज रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. उन्होंने नासिक में बादल फटने की संभावना के बारे में भी चेतावनी जारी की.
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुमान के मुताबिक, इस इलाके में तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है और आज हवा की रफ्तार लगभग 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की उम्मीद है.
Chief Minister का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब Maharashtra के कई इलाके लगातार हो रही भारी बारिश से जूझ रहे हैं, जिसके कारण कई जिलों में बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और तेज हवाओं की स्थिति बनी हुई है.
Mumbai में लगातार पांचवें दिन भी भारी बारिश हो रही है. आईएमडी ने पहले शहर के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया था, लेकिन हालात के तेजी से बिगड़ने के बाद Monday को मौसम विभाग ने इसे ‘रेड अलर्ट’ में बदल दिया. आईएमडी ने Mumbai के अलावा पुणे, रायगढ़, ठाणे और पालघर जिलों के लिए भी ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है.
आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन के साथ मौजूद Chief Minister फडणवीस ने मॉनसून के कहर की समीक्षा करने के बाद पत्रकारों को बताया कि आईएमडी ने इस अचानक तेजी के सही कारण का पता लगा लिया है.
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब एक गहरे डिप्रेशन में बदल गया है, चूंकि इस सिस्टम का मुख्य असर कोंकण तट पर पड़ रहा है, इसलिए इस इलाके में तेज हवाएं चल रही हैं, जिनकी रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
Chief Minister फडणवीस ने बताया कि Mumbai के तट पर हाई टाइड (समुद्र में ऊंची लहरें) आने वाली हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हाई टाइड के समय भारी बारिश जारी रहती है, तो शहर के निचले इलाकों में भारी जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ आने की पूरी आशंका है.
उनके मुताबिक, कई इलाकों में तेज हवाएं चलने की आशंका है. इससे बड़े पैमाने पर पेड़ उखड़ने और टहनियां गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. मैं नागरिकों से अपील करता हूं कि जब तक बहुत जरूरी न हो, यात्रा करने से बचें. साथ ही मैं युवाओं से आग्रह करता हूं कि इस खतरनाक समय में घूमने-फिरने के लिए झरनों या ट्रैकिंग वाली जगहों पर न जाएं.
Chief Minister फडणवीस ने चेतावनी दी कि दोपहर से देर रात तक तेज हवाएं चलने की आशंका है, जिससे पेड़ गिर सकते हैं.
मानखुर्द में हुई उस दुखद घटना के बाद, जहां एक झुग्गी बस्ती में ढांचा ढहने से छह लोगों की मौत हो गई थी. Chief Minister ने कहा, “हमने सभी क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है.”
उन्होंने नागरिकों से गिरते पेड़ों और अचानक आने वाले खतरों को लेकर सावधान रहने को कहा. उन्होंने यह भी बताया कि Mumbai में पिछले चार दिनों में ही महीने के औसत के बराबर बारिश हुई है, जिससे काफी नुकसान हुआ है.
Chief Minister फडणवीस ने कहा कि राज्य प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और उन्होंने आपदा प्रबंधन सेल, ज़िला कलेक्टरों और डिविजनल प्रशासन द्वारा लागू किए गए बचाव और राहत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की है.
Chief Minister ने नासिक में बादल फटने की संभावना को लेकर एक अहम चेतावनी भी जारी की है. आईएमडी ने Tuesday को मुख्य रूप से बादल फटने के कारण नासिक में 300 मिमी बारिश का अनुमान लगाया है.
उन्होंने कहा कि प्रशासन अलर्ट मोड पर है और स्थिति से निपटने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है. सीएम ने कहा, “इसके जवाब में प्रशासन ने अपनी तैयारी बढ़ा दी है. बादल फटने जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नासिक शहर, पूरे जिले और ग्रामीण इलाकों में व्यापक उपाय किए गए हैं. राज्यभर में यह हाई अलर्ट की स्थिति 8 जुलाई तक बनी रहेगी.”
इसके अलावा, Chief Minister फडणवीस ने कहा कि पिछले चार-पांच दिनों में हुई भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर पालघर जिले पर पड़ा है. निचले इलाकों में पानी भरने की वजह से Gujarat से आने वाली ट्रेनों को रोकना पड़ा है. Ahmedabad-Mumbai हाईवे, जो अभी बन रहा है, वहां भी पानी जमा होने की खबर है.
भारी बारिश की वजह से रायगढ़ में जन-जीवन ठप हो गया है, जबकि महाबलेश्वर और लोनावला में बारिश का स्तर उनके मौसमी औसत से कहीं ज्यादा दर्ज किया गया है. सावित्री नदी और चार अन्य प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, हालांकि Chief Minister ने कहा कि अधिकारियों ने तुरंत बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित कर लिया है.
खराब मौसम के कारण ट्रांसपोर्ट के अहम रास्तों पर कई जगह ज़मीन खिसकने (लैंडस्लाइड) की घटनाएं हुई हैं. Mumbai -गोवा हाईवे पर काशेड़ी घाट में जमीन खिसकने की एक बड़ी घटना हुई, जिससे ट्रैफिक रुक गया. अभी मलबा हटाने का काम चल रहा है. Chief Minister ने बताया कि हाईवे पर आठ अलग-अलग जगहों पर जमीन खिसकने की अभूतपूर्व घटनाएं हुई हैं.
Mumbai -पुणे एक्सप्रेसवे पर Chief Minister ने कहा कि इमरजेंसी टीमें लगभग 100 टन मलबा हटाने के लिए तेजी से काम कर रही हैं. भूस्खलन उन जगहों पर हुआ है जहां पहले कभी ऐसी घटनाएं नहीं हुई थीं. फिलहाल पुणे की ओर जाने वाली तीन लेन चालू रखी गई हैं और मलबा हटाने का काम तेजी से चल रहा है.
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एसएचके/