बेगूसराय रिफाइनरी में मजदूर की मौत पर हिंसक प्रदर्शन, गेट पर जमकर तोड़फोड़…CISF की गाड़ी को बनाया निशाना
TV9 Bharatvarsh July 08, 2026 02:43 AM

Begusarai News: बिहार के बेगूसराय स्थित रिफाइनरी में एक मजदूर की मौत के बाद मुआवजे की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन मंगलवार को हिंसक हो गया. आंदोलन के दूसरे दिन प्रदर्शनकारी मजदूरों और पुलिस के बीच टकराव हो गया, जिसके बाद रिफाइनरी के मुख्य गेट पर जमकर तोड़फोड़ की गई. इस दौरान कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया, कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे, एलईडी और अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए. हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. घटना के बाद पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है.

यह मामला रिफाइनरी थाना क्षेत्र स्थित बेगूसराय रिफाइनरी के गेट नंबर-1 का है. जानकारी के अनुसार, शार्प टैंक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कार्यरत मजदूर श्याम सुंदर पाठक 29 जून को ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे. बताया जा रहा है कि काम के दौरान उनके ऊपर लोहे की पाइप गिर गई थी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं. उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ दिनों बाद उनकी मौत हो गई.

नहीं दिया मुआवजा

मजदूर की मौत के बाद परिजनों और साथी कर्मचारियों ने कंपनी से उचित मुआवजे की मांग शुरू कर दी. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कंपनी की ओर से मृतक के परिवार को 17 लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक राशि का भुगतान नहीं किया गया. इसी मांग को लेकर सोमवार से परिजन और मजदूर रिफाइनरी गेट के बाहर धरना और भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे.

मंगलवार को आंदोलन के दूसरे दिन भी जब कोई समाधान नहीं निकला, तो प्रदर्शन उग्र हो गया. मौके पर मौजूद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने और स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया. मजदूरों का आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए. इसके बाद नाराज मजदूरों ने रिफाइनरी गेट पर जमकर तोड़फोड़ की.

गाड़ियों में किया तोड़फोड़

प्रदर्शन के दौरान कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. रिफाइनरी परिसर में खड़ी मोटरसाइकिलों में भी तोड़फोड़ की गई. इसके अलावा कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे, एलईडी, ब्रैकेटिंग और अन्य उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाया गया. प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इस हिंसा में करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है.

घटना के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया. रिफाइनरी परिसर और आसपास के इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े. पुलिस पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है.

प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने क्या कहा?

प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि यदि मृतक श्याम सुंदर पाठक के परिवार को समय पर घोषित 17 लाख रुपये का मुआवजा दे दिया जाता, तो यह स्थिति पैदा नहीं होती. उनका कहना है कि जब तक मृतक के परिजनों को न्याय और मुआवजा नहीं मिलेगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है. वहीं, प्रशासन की कोशिश है कि बातचीत के जरिए स्थिति को सामान्य किया जाए और कानून-व्यवस्था बनी रहे.

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