भारत ने यूएन में रखा एआई गवर्नेंस का विजन, सुरक्षा, भरोसे और समावेश पर दिया जोर
Indias News Hindi July 08, 2026 03:43 AM

नई द‍िल्‍ली, 7 जुलाई . India के केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के एआई गवर्नेंस पर ग्लोबल डायलॉग के उच्च स्तरीय सत्र को संबोधित क‍िया. इस दौरान उन्‍होंने सुरक्षित, भरोसेमंद और समावेशी एआई व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया.

India के विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर ल‍िखा, ”Tuesday को जिनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के एआई गवर्नेंस पर ग्लोबल डायलॉग के उच्च स्तरीय सत्र को संबोधित किया. मैंने इस बात पर जोर दिया कि एआई के नियम और प्रबंधन ऐसे होने चाहिए जो इंसानों को केंद्र में रखें, सभी को साथ लेकर चलें और भरोसे पर आधारित हों. इसमें इंसानों की उचित निगरानी और मानव अधिकारों का सम्मान जरूरी है. हमें तकनीकी और संसाधनों की कमी को भी दूर करना होगा, ताकि ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) के लोग भी एआई के भविष्य को तय करने में सार्थक भूमिका निभा सकें.”

मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा क‍ि India एक ऐसे एआई भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है, जो सुरक्षित, भरोसेमंद, जिम्मेदार और सभी के लिए समावेशी हो.

6 और 7 जुलाई को जिनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र ‘ग्लोबल डायलॉग ऑन एआई गवर्नेंस’ में कीर्ति वर्धन सिंह ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व क‍िया.

विदेश मंत्रालय (एमईए) की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह ग्लोबल डायलॉग ऑन एआई गवर्नेंस एक सार्वभौमिक और बहु-हितधारक संयुक्त राष्ट्र मंच है, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 79/325 के तहत बनाया गया है. यह सितंबर 2024 में अपनाए गए ‘ग्‍लोबल डिजिटल कॉम्‍पैक्‍ट’ और ‘पैक्ट ऑफ द फ्यूचर’ के बाद अस्तित्व में आया है.

मंत्रालय के अनुसार, यह संवाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अंतरराष्ट्रीय गवर्नेंस को आगे बढ़ाने का एक अवसर देता है, ताकि अलग-अलग देशों, क्षेत्रीय और बहु-हितधारक प्रयासों को आपस में जोड़ा जा सके.

इसके साथ ही एक ‘इंडिपेंडेंट इंटरनेशनल साइंटिफिक पैनल ऑन ए-आई (आईआईएसपीए)’ भी काम कर रहा है, जो एआई की वैज्ञानिक समझ, पारदर्शिता, जवाबदेही और मानव निगरानी को मजबूत करने पर काम करता है. यह पैनल खासकर विकासशील देशों की क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा ताकि एआई को सतत विकास की दिशा में इस्तेमाल किया जा सके.

इन सभी प्रक्रियाओं के तहत अपनाए गए नियमों और ढांचे के अनुसार, सह-अध्यक्षों ने कई हितधारक परामर्श भी किए थे. इनमें एक इन-पर्सन बैठक भी शामिल थी, जो फरवरी 2026 में New Delhi में हुए ‘ए-आई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान हुई थी.

एवाई/डीकेपी

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