रिकॉर्ड ऊंचाई से 30% सस्ता हुआ सोना…आगे गिरेगा भाव या फिर आएगी तेजी?
TV9 Bharatvarsh July 08, 2026 11:42 AM

Gold price prediction: सोने ने हमेशा से निवेशकों को सुरक्षित निवेश का मजबूत भरोसा दिया है, लेकिन फिलहाल यह पीली धातु भारी दबाव में दिखाई दे रही है. अपने करीब 5,600 डॉलर के ऐतिहासिक उच्चतम स्तर (रिकॉर्ड हाई) से सोने की कीमतें अब 30 फीसदी से ज्यादा टूट चुकी हैं. मौजूदा समय में यह 4,000 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है. इस तेज करेक्शन ने सोने को इस साल के लिए निगेटिव रिटर्न की श्रेणी में धकेल दिया है.

मंगलवार को भी बाजार में यह कमजोरी जारी रही. हाजिर सोना 0.8% गिरकर 4,129.36 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि अगस्त डिलीवरी वाला अमेरिकी सोना वायदा 0.6% फिसलकर 4,140.90 डॉलर पर रहा. यह गिरावट तब आई है जब पिछले हफ्ते ही कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के चलते सोने में 2% की शानदार रिकवरी देखी गई थी. अब सवाल यह है कि जिस सोने को हर संकट का साथी माना जाता है, वह अचानक इतना क्यों टूट रहा है.

क्यों धड़ाम हुई सोने की कीमत?

इस बड़ी गिरावट के पीछे कई अहम कारण छिपे हैं. ऑगमांट की रिसर्च हेड रेनिषा चैनानी के मुताबिक, खाड़ी देशों के तनाव के बावजूद निवेशकों का ध्यान अब ‘सुरक्षित निवेश’ से हटकर ब्याज दरों, बॉन्ड यील्ड तथा वित्तीय बाजार की अन्य स्थितियों पर चला गया है. ईरान युद्ध के कारण एक बड़ा ऊर्जा संकट पैदा हुआ, जिसने महंगाई बढ़ने की आशंका को फिर से तेज कर दिया. इस डर से इस साल ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें टूट गईं. इसके अलावा, जून के अंत में जब टेक्नोलॉजी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वाले शेयरों में भारी मुनाफावसूली हुई, तो निवेशकों ने नकदी जुटाने के लिए अपना सोना बेच दिया.

क्या यह गिरावट एक बड़े संकट का इशारा है?

बाजार के जानकारों का मानना है कि मौजूदा कमजोरी ढांचागत (स्ट्रक्चरल) नहीं, बल्कि चक्रीय (साइक्लिकल) है. इसका सीधा मतलब यह है कि लंबी अवधि में सोने का भविष्य अभी भी मजबूत है. अमेरिका-ईरान तनाव के दौरान कच्चे तेल ने बाजार का सारा ध्यान खींच लिया, जिससे निवेशकों ने अपने पास मौजूद सोने को बेचकर मुनाफावसूली करना सही समझा. तकनीकी नजरिए से देखें तो 3,950 से 4,000 डॉलर का स्तर सोने के लिए एक बेहद मजबूत ‘सपोर्ट जोन’ साबित हुआ है. कीमतें पहले भी इसी स्तर से वापस ऊपर की तरफ लौटी हैं तथा उम्मीद है कि यह सपोर्ट आगे भी टिका रहेगा.

सोने में जल्द आएगी बड़ी तेजी

जो लोग सोने में अपना निवेश बनाए रखना चाहते हैं, उनके लिए भविष्य की तस्वीर काफी सकारात्मक है. अनुमान है कि आने वाले कुछ हफ्तों में सोना वापस 4,400 डॉलर के स्तर को छू सकता है. वहीं, 2026 के अंत तक किसी स्पष्ट ट्रिगर के सहारे यह 4,900 से 5,000 डॉलर तक जा सकता है. हालात अनुकूल रहे तो 2027 में एक नया रिकॉर्ड हाई भी देखने को मिल सकता है. कच्चे तेल की कीमतों में पिछली तिमाही में 40% की गिरावट आई है, जिससे महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद है. फेडरल रिजर्व के प्रमुख केविन वॉर्श जिन महंगाई मापदंडों पर सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं, वे भी तय लक्ष्य के करीब रहने का अनुमान है. ऐसे में फेडरल रिजर्व की तरफ से अगली कटौती 2027 में हो सकती है, जिससे सोने को एक बार फिर बड़ी ताकत मिलेगी.

केंद्रीय बैंकों का रुख तय करेगा दिशा

भले ही इस साल एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) के मोर्चे पर बिकवाली हुई हो, लेकिन दुनिया भर के केंद्रीय बैंक खामोशी से अपना स्वर्ण भंडार बढ़ा रहे हैं. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के एक सर्वे के अनुसार, 84% केंद्रीय बैंक अगले पांच सालों में अपने रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाने वाले हैं. डॉलर पर निर्भरता कम करने की मुहिम भी सोने की मांग को अंदरूनी मजबूती दे रही है.

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