पैसा कमाओ, रन बनाओ और वाहवाही बटोरो, आईपीएल में भारतीय बल्लेबाज ऐसा ही करते नजर आते हैं. ईशान किशन, संजू सैमसन, वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, श्रेयस अय्यर, ये सभी बल्लेबाज आईपीएल में कमाल करते नजर आते हैं. छक्के-चौको की बारिश कर ये खिलाड़ी विरोधी गेंदबाज को धूल चटा देते हैं लेकिन इन सभी खिलाड़ियों का इंग्लैंड में बुरा हाल है. नॉटिंघम में तो टीम इंडिया के साथ ऐसा खेल हो गया जिसकी उम्मीद उसने कभी नहीं की थी. इंग्लैंड ने जिस पिच पर 201 रन बनाए वहां भारतीय टीम महज 11.4 ओवर में 76 रनों पर ढेर हो गई. इसके बाद आया जोफ्रा आर्चर का वो बयान जिसने भारतीय खिलाड़ियों की काबिलियत पर सवाल खड़ा कर दिया है. आर्चर का मानना है कि आईपीएल में पाटा पिच होती हैं इसलिए वहां गेंदबाजों को दिक्कत होती है लेकिन इंग्लैंड की कंडिशन अलग है जिससे यहां बल्लेबाजों को परेशान किया जा सकता है. जोफ्रा आर्चर के बयान से एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया है कि क्या आईपीएल की वजह से भारतीय खिलाड़ियों को नुकसान हो रहा है?
IPL कैसे पहुंचा रहा है भारतीय बल्लेबाजों को नुकसान?IPL की बात करें तो वहां पिच पाटा होती हैं जिससे काफी ज्यादा रन बनते हैं. गेंदबाज की एक छोटी सी गलती पर बल्लेबाज छक्का लगा देते हैं. जिस लेंग्थ पर सिंगल लेना भी मुश्किल होता है उसी लेंग्थ से बल्लेबाज छक्के जड़ देते हैं. नतीजा बल्लेबाजों को इस तरह के शॉट्स खेलने की आदत हो जाती है. लेकिन इंग्लैंड की पिच अलग हैं. वहां गेंद थोड़ा रुक कर आती है. पिच में थोड़ा ज्यादा उछाल होता है. मतलब आपको शॉट्स लगाने के लिए थोड़ा दिमाग लगाना होता है. लेकिन भारतीय बल्लेबाजों को तो आईपीएल की आदत लगी है और वो गेंद पर उसी तरह टूटते हैं और नतीजा होता है विकेट. नॉटिंघम में भी यही देखने को मिला.
जोफ्रा आर्चर ने क्या कहा?जोफ्रा आर्चर ने भारत के खिलाफ प्लेयर ऑफ द मैच जीतने के बाद कहा कि आईपीएल में पिच आसान होती है और बाउंड्री भी छोटी इसलिए वहां के हालात इंग्लैंड से अलग हैं. उन्होंने कहा, ‘यहां सब सामान्य हो गया है. यहां आप गेंद सीधी और गुड लेंग्थ पर रखने की कोशिश करते हैं. लेकिन आईपीएल में पिच आसान होती हैं. बाउंड्री छोटी होती है और वहां आपको एक लेंग्थ पर कायम रहना होता है. मुझे लगता है इंग्लैंड में गेंदबाज के पास गलती करने का ज्यादा स्कोप है.’