
पुणे, 8 जुलाई . Maharashtra में बीते कई दिनों से लगातार हो रही बारिश से लोगों का हाल बेहाल है. वहीं, दूसरी ओर पुणे के पिंपरी-चिंचवड नगर निगम क्षेत्र में Wednesday को एक दुखद घटना हुई. दरअसल, पिंपरी-चिंचवड नगर निगम के मोशी कचरा डिपो में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान एक इमारत गिरने की खबर सामने आई है.
इस हादसे में करीब 14 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि एक व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गया, जिसके इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस घटना के बाद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया. दुर्घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय Police, दमकल, सेना और बचाव दल मौके पर पहुंच चुके हैं.
इस संबंध में उपChief Minister सुनेत्रा पवार ने राहत एवं पुनर्वास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीता वेद सिंघल, पिंपरी चिंचवड नगर आयुक्त विजयकुमार सूर्यवंशी और पिंपरी चिंचवड Police आयुक्त विनयकुमार चौबे से संपर्क किया और उन्हें युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य करने के निर्देश दिए.
उन्होंने दुर्घटना में फंसे लोगों को निकालने और घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. उपChief Minister के निर्देशानुसार सेना को भी बुलाया गया है. एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है.
बता दें कि Maharashtra में पिछले 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में अचानक बाढ़, नदियों के उफान और इमारतों के ढहने जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर दी है. Maharashtra राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) की ओर से Wednesday को जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जून से अब तक राज्य में 62 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 पशुओं की भी जान गई है.
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (एसईओसी) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के तटीय और पश्चिमी जिलों में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई. सबसे ज्यादा असर ठाणे और पालघर में देखने को मिला. इस दौरान ठाणे में 196.9 मिमी, पालघर में 185.4 मिमी, रायगढ़ में 134.1 मिमी, Mumbai उपनगर में 125.0 मिमी और पुणे में 69.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई.
रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून से अब तक हुई कुल बारिश के आधार पर लगभग सभी जिले ‘लार्ज एक्सेस’ (सामान्य से बहुत अधिक बारिश) की श्रेणी में पहुंच चुके हैं. पालघर में सामान्य से 457.3 प्रतिशत और पुणे में 435.4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है.
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, पिछले पांच सप्ताह में हुई 62 मौतों में सबसे अधिक जानें इमारतों और दीवारों के ढहने तथा आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में गई हैं. संरचनाओं के ढहने से 25 लोगों की मौत हुई और 41 लोग घायल हुए. ये घटनाएं मुख्य रूप से नासिक, ठाणे, और Mumbai उपनगर में हुईं. वहीं, बिजली गिरने की घटनाओं में 23 लोगों की मौत और 17 लोग घायल हुए.
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डीके/एबीएम