BCCI On Asia Cup Trophy: भारतीय क्रिकेट टीम ने भले ही पिछले साल एशिया कप का खिताब अपने नाम किया हो, लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के महीनों बाद भी ट्रॉफी का विवाद खत्म नहीं हुआ है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को अब तक एशिया कप की ट्रॉफी नहीं मिली है. इस पूरे मामले पर चल रहा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है और अब बीसीसीआई के वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला ने इस पर एक बड़ा अपडेट शेयर किया है.
क्यों हुआ था विवाद? भारत ने ट्रॉफी लेने से किया था इनकारयह पूरा विवाद पिछले साल 28 सितंबर को दुबई में खेले गए एशिया कप के फाइनल मैच के बाद शुरू हुआ था. फाइनल मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर खिताब जीता था. नियमों के मुताबिक, भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव को एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेनी थी. लेकिन, भारतीय टीम ने पहलगाम आतंकवादी हमले के विरोध में और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समर्थन में पूरे टूर्नामेंट के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ न मिलाने का फैसला किया था. इसके साथ ही, टीम इंडिया ने मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से भी साफ मना कर दिया, क्योंकि वो एसीसी अध्यक्ष होने के साथ-साथ पाकिस्तान के मंत्री भी हैं.
एसीसी नहीं दे रहा कोई जवाबपीटीआई (PTI) से बातचीत करते हुए राजीव शुक्ला ने स्थिति साफ की. उन्होंने कहा, ‘जहां तक एशिया कप ट्रॉफी का सवाल है, हमने ACC के अध्यक्ष और निदेशकों से ट्रॉफी सौंपने का बार-बार अनुरोध किया है. लेकिन उनकी तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है. हमने उनसे बात की है, लेकिन अगर वो ट्रॉफी नहीं सौंपते हैं तो इससे क्या फर्क पड़ता है? पूरी दुनिया जानती है कि हम वहां जीते हैं. भले ही ट्रॉफी हमें अभी तक नहीं मिली है, लेकिन हम इसे हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. विजेता हम ही हैं.’
VIDEO | Delhi: “Vaibhav’s two sixes on debut gave us a glimpse of bigger things to come,” says BCCI Vice President Rajeev Shukla.
(Full video available PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/HKHrJ5mfY3
— Press Trust of India (@PTI_News) July 7, 2026
बता दें, भारतीय टीम के इनकार के बाद रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि मोहसिन नकवी उस ट्रॉफी को अपने साथ होटल ले गए थे और बाद में इसे दुबई स्थित (ACC) ऑफिस में लॉक कर दिया गया था. नियमों के मुताबिक, अध्यक्ष की मंजूरी के बिना इस ट्रॉफी को कहीं और नहीं ले जाया जा सकता और न ही किसी को सौंपा जा सकता है. इस मुद्दे को लेकर बीसीसीआई ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और एसीसी के साथ कई दौर की बातचीत की और मामला ICC तक भी पहुंचा, लेकिन अब तक कोई ठोस हल नहीं निकल सका है.