जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला ने बुधवार को अमरनाथ यात्रा पर बात करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तीर्थयात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या पर पहले से ही एक सीमा निर्धारित की है और श्राइन बोर्ड इसे लागू करने के लिए बाध्य है. बिना रजिस्ट्रेशन के तीर्थयात्रा करने का प्रयास करने वाले लोगों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह मामला श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड का है. प्राकृतिक रूप से बने बर्फ के शिवलिंग के समय से पहले पिघलने के बारे में उमर ने कहा कि यह मानवीय नियंत्रण से परे है.
सीएम उमर अबदुल्ला ने कहा, ‘शिवलिंग की बात करें तो, यह भगवान द्वारा बनाया गया है. न तो आप और न ही मैं यह तय कर सकते हैं कि यह कितने समय तक रहेगा. मैं यह भी तय नहीं कर सकता कि यह कितने दिन तक रहना चाहिए. इस बार यह छह दिन तक रहा’.
इल्तिजा मुफ्ती ने बाबा बर्फानी पर क्या कहा?जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने बाबा बर्फानी के समय से पहले अंतर्ध्यान होने पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि अमरनाथ श्राइन बोर्ड को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि यह जगह बर्फ से ढके पहाड़ों और ग्लेशियरों से घिरी एक गुफा में बहुत ही नाजुक स्थिति में है. हिंदुओं के लिए यह जगह बहुत अहम है और 12वीं सदी से इसका अस्तित्व है, लेकिन दुख की बात है कि यहां कुछ ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं, जैसे गैर-जरूरी निर्माण, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और एक बड़ा रोप-वे प्रोजेक्ट, जिनसे यहां भारी नुकसान हो सकता है.
उन्होंने कहा, ‘अमरनाथ यात्रा कश्मीरियत की भावना से गहराई से जुड़ी है और यात्रियों का हमेशा स्वागत है, लेकिन इस परंपरा को बनाए रखने के लिए मुझे उम्मीद है कि SASB इस पवित्र स्थल के प्रति ज्यादा सावधानी और समझदारी बरतेगा. हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि एक समय ऐसा भी था, जब बर्फ से बनी प्राकृतिक आकृति यात्रा की अवधि के बाद भी काफी समय तक बनी रहती थी’.
लगभग पूरी तरह पिघल गया हिमलिंगदरअसल, अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक बर्फ से बना शिवलिंग लगभग पूरी तरह पिघल गया है. अभी अमरनाथ यात्रा के शुरू हुए सिर्फ कुछ ही दिन हुए हैं. यह यात्रा कुल 57 दिन तक चलने वाली है, जिसकी शुरुआत 3 जुलाई से हुई थी. यात्रा शुरू होने के पहले 4 दिन में 80 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे, लेकिन अब बाबा बर्फानी नजर ही नहीं आ रहे. बीते 6 जुलाई को हिमलिंग की जो तस्वीर सामने आई थी, उसमें बाबा बर्फानी लगभग 90 प्रतिशत गायब हो चुके हैं.
ये भी पढ़ें: ‘सिर्फ 8 लोग शामिल, पूरे ट्रस्ट को बदनाम करना गलत’, राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर बोले CM योगी