कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस्कॉन के मिड-डे मील प्रस्ताव पर बंगाल सरकार से मांगा हलफनामा
Indias News Hindi July 09, 2026 02:43 AM

कोलकाता, 8 जुलाई . कलकत्ता हाई कोर्ट ने Wednesday को पश्चिम बंगाल Government को निर्देश दिया कि वह कोलकाता नगर निगम (केएमसी) क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कांशसनेस (इस्कॉन) को सौंपने के प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति पर एक हलफनामा (एफिडेविट) दाखिल करे.

इस मामले में दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर Wednesday को कलकत्ता हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तपब्रता चक्रबर्ती और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी चटर्जी की खंडपीठ ने सुनवाई की.

सुनवाई के दौरान अदालत ने Government से पूछा कि इस प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति क्या है. इसके जवाब में राज्य के महाधिवक्ता सूरजित नाथ मित्रा ने अदालत को बताया कि मामला अभी केवल प्रस्ताव के स्तर पर है और इस संबंध में अब तक कोई औपचारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी नहीं की गई है.

इसके बाद खंडपीठ ने राज्य Government को निर्देश दिया कि वह अगले चार सप्ताह के भीतर इस मामले में विस्तृत हलफनामा दाखिल करे.

अदालत ने याचिकाकर्ता को भी निर्देश दिया कि Government का हलफनामा दाखिल होने के दो सप्ताह के भीतर वह अपना जवाबी हलफनामा प्रस्तुत करे.

साथ ही, अदालत ने टिप्पणी की कि इस प्रस्ताव के खिलाफ दायर याचिका फिलहाल समय से पहले दायर की गई प्रतीत होती है, क्योंकि राज्य Government ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की है.

खंडपीठ ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में Government इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी करती है तो याचिकाकर्ता दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है.

जनहित याचिका में तर्क दिया गया है कि यदि कोलकाता के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करने की जिम्मेदारी इस्कॉन को दी जाती है तो भोजन में अंडे नहीं परोसे जाएंगे. इससे छात्रों को प्रोटीन युक्त आहार से वंचित होना पड़ सकता है.

याचिका में यह भी कहा गया है कि वर्तमान में मिड-डे मील बनाने का काम करने वाली कई महिलाओं की नौकरी चली जाएगी, यदि पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूलों में यह जिम्मेदारी इस्कॉन को सौंप दी जाती है.

एएमटी/डीकेपी

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