OMG! बॉस की डिमांड पर Genz कर्मचारी का तगड़ा जवाब, शर्त के बदले मिला ऐसा जवाब…सोशल मीडिया पर मची हलचल
TV9 Bharatvarsh July 09, 2026 02:43 AM

ऑफिस में काम का दबाव होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन कई बार कुछ नियम ऐसे बना दिए जाते हैं जो कर्मचारियों को बिल्कुल भी सही नहीं लगते. खासकर तब, जब किसी की तबीयत खराब हो और उससे अपनी बीमारी का सबूत मांगा जाए. हाल ही में ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है. एक कर्मचारी और उसके मैनेजर के बीच हुई व्हाट्सऐप चैट इंटरनेट पर वायरल हो गई है. इस चैट में कर्मचारी ने अपने बॉस को ऐसा जवाब दिया कि हजारों लोग उससे खुद को जोड़कर देखने लगे.

इस वायरल चैट को WhateverVishal नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया. पोस्ट के साथ लिखा गया कि कई मैनेजर कर्मचारियों के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं, जैसे वे कंपनी के कर्मचारी नहीं बल्कि उनके अधीन काम करने वाले गुलाम हों. पोस्ट में यह भी कहा गया कि नई पीढ़ी यानी Gen Z के कर्मचारी अब हर बात चुपचाप सहने के बजाय अपनी बात खुलकर रखना जानते हैं और यही इस चैट में भी देखने को मिला.

क्या कहा मैनेजर ने?

दरअसल, कर्मचारी ने अपने मैनेजर को मैसेज करके बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है. उसने कहा कि वह बीमार है, लेकिन दवा लेकर फिलहाल काम संभालने की कोशिश करेगा. यानी उसने छुट्टी की मांग नहीं की थी, बल्कि सिर्फ अपनी तबीयत की जानकारी दी थी ताकि अगर काम की रफ्तार थोड़ी धीमी रहे तो उसकी वजह समझी जा सके, लेकिन मैनेजर का जवाब सुनकर कर्मचारी हैरान रह गया. मैनेजर ने कहा कि कंपनी के डायरेक्टर का निर्देश है कि जो भी कर्मचारी बीमारी की वजह से छुट्टी लेता है या बीमार होने की बात कहता है, उसे डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन देना होगा. यानी बिना मेडिकल प्रूफ के उसकी बात पर भरोसा नहीं किया जाएगा.

यहीं से बातचीत का माहौल बदल गया. कर्मचारी को यह बात बिल्कुल पसंद नहीं आई. उसने तुरंत जवाब देते हुए लिखा कि वह कोई स्कूल का छात्र नहीं है, जिसे बीमारी साबित करने के लिए डॉक्टर की पर्ची के साथ माता-पिता के हस्ताक्षर वाली छुट्टी की अर्जी भी जमा करनी पड़े. कर्मचारी का यह जवाब सोशल मीडिया पर लोगों को इतना पसंद आया कि देखते ही देखते चैट वायरल हो गई. बहुत से लोगों ने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि लाखों कर्मचारियों की रोजमर्रा की परेशानी है. कई लोगों का मानना है कि ऑफिस में कर्मचारियों पर भरोसा करने के बजाय उन्हें हर छोटी बात के लिए सफाई देने पर मजबूर किया जाता है.

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इस पोस्ट पर हजारों लोगों ने अपनी-अपनी राय भी रखी. किसी ने लिखा कि उनके पुराने बॉस का कहना था कि अगर इंसान अपने पैरों पर चल सकता है, तो उसे ऑफिस भी आना चाहिए. चाहे बुखार हो, कमजोरी हो या कोई और दिक्कत, काम पहले होना चाहिए. ऐसे अनुभव पढ़कर कई लोगों ने कहा कि वे भी ऐसी ही परिस्थितियों से गुजर चुके हैं. एक अन्य यूजर ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि कई कंपनियों में ऐसे लोगों को मैनेजर बना दिया जाता है जिनके पास लोगों को संभालने की समझ ही नहीं होती. उनका कहना था कि तकनीकी जानकारी होना अलग बात है, लेकिन एक अच्छी टीम को संभालने के लिए इंसानियत, भरोसा और बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स भी उतनी ही जरूरी हैं.

यहां देखिए पोस्ट

Indian managers think slaves work under them not employees

Brutal response by GenZ Employee pic.twitter.com/oCAesR7Ens

— Oxygen 💨 (@WhateverVishal) June 30, 2026

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