क्या बदलेगा?
अभी विमान ईंधन यानी ATF पर राज्यों के हिसाब से अलग-अलग VAT लगता है. अगर इसे GST के दायरे में लाया जाता है, तो टैक्स सिस्टम आसान होगा. एयरलाइंस इनपुट टैक्स क्रेडिट का भी फायदा उठा सकेंगी, जिससे उनका कुल खर्च कम हो सकता है. एयरलाइंस ने अपनी मांग सरकार के सामने रख दी है. अब ये देखना होगा कि सरकार इस पर क्या फैसला लेती है. अगर मांग मान ली जाती है, तो आने वाले समय में हवाई यात्रा पहले के मुकाबले सस्ती हो सकती है.