Ear Care Tips: महीनों भर की चिलचिलाती धूप और गर्मी के बाद बरसात ने अब दस्तक देना शुरू कर दिया है. बारिश का मौसम आते ही हर जगह ठंडी-ठंडी हवा चलने लगती है. इसका कारण है कि बरसात के मौसम आते ही हवा में नमी का बढ़ जाना. जितना ही यह मौसम चिलचिलाती गर्मी के बाद राहत देता है, उतना ही यह पल कई लोगों को परेशान भी करता है. कई लोगों की शिकायत रहती है कि बरसात के मौसम में उनके कानों में दर्द होने लगता है, जिसके पीछे की वजह उन्हें समझ नहीं आती कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है. ऐसे में आपको बता दें कि हवा में नमी कानों की सेहत के लिए मुश्किल पैदा करती है.
माना जाता है कि हमारे कानों के अंदर का हिस्सा हमेशा सूखा रहना चाहिए, लेकिन बरसात में लगातार नमी के कारण कान में मौजूद वैक्स नरम होने लगती है और उसके काम करने की क्षमता में रुकावटें आती हैं. साथ ही जिन लोगों को कान से जुड़ी समस्या होती है, उनके कान में बैक्टीरिया और फंगस बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है. कई मामलों में कान में दर्द होने का कारण कोई बड़ी बीमारी नहीं होती है. कई बार सर्दी-जुकाम या फिर एलर्जी की वजह से भी कान में दर्द होने लगता है.
विशेषज्ञों के अनुसार, जिन लोगों को कानों से जुड़ी परेशानी है, उन्हें सबसे पहले तो बारिश में भीगना नहीं चाहिए और अगर भीग जाएं ,तो उन्हें कानों को अच्छी तरह सुखा लेना चाहिए. वहीं अगर हर उपाय अपनाने के बाद भी कान में पानी महसूस हो, तो उसको सुखाने के लिए हेयर ड्रायर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
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इसके अलावा अगर कान से पानी सुखाने के बाद भी कान बंद या फिर भारीपन महसूस होता है, तो आप कुछ आसान और असरदार घरेलू उपाय भी अपना सकते हैं. जैसे गर्म पानी या फिर किसी गर्म कपड़े से कान के इर्द-गिर्द सेकाई करना, गर्म पानी से 5 से 10 मिनट तक भाप लेना. साथ ही गुनगुने पानी से गरारे करना भी गले और कान की नली को राहत पहुंचा सकता है. लेकिन सबसे जरूरी बात का ध्यान रखना चाहिए कि ये सारे घरेलू उपाय बस शुरुआती दर्द को ठीक कर सकते हैं. अगर कान में दर्द और भारीपन ज्यादा देर तक रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है.
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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