भारत को दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बेहद अहम कदम उठाया है. देश के भीतर इलेक्ट्रॉनिक सामानों का उत्पादन बढ़ाने, विदेशी आयात पर निर्भरता खत्म करने तथा उत्पादों की कीमतें नियंत्रित रखने के लिए सरकार ने जरूरी मशीनों के साथ-साथ उनके पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) में बड़ी छूट का ऐलान किया है. यह अहम राहत 31 मार्च 2029 तक लागू रहेगी. इस फैसले का सीधा असर यह होगा कि देश में लिथियम-आयन बैटरी से लेकर डिस्प्ले पैनल तथा स्मार्टफोन के वायरलेस चार्जिंग मॉड्यूल बनाना काफी सस्ता हो जाएगा. जब कंपनियों की उत्पादन लागत घटेगी, तो आने वाले समय में आम उपभोक्ताओं के लिए भी हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद सस्ते होने की उम्मीद है.
आयात पर निर्भरता खत्म करने की बड़ी तैयारीबीते कुछ सालों में भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स का बाजार तेजी से बढ़ा है, लेकिन हम आज भी कई जरूरी पार्ट्स के लिए विदेशी बाजारों पर निर्भर हैं. सरकार का यह ताजा फैसला इसी निर्भरता को तोड़ने की एक ठोस कोशिश है. नई रियायतों को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है. व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार, कस्टम ड्यूटी में इस कटौती से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी. इससे न सिर्फ भारत की घरेलू सप्लाई चेन मजबूत होगी, बल्कि कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नया विदेशी निवेश भी आएगा. कुल मिलाकर यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को एक नई रफ्तार देने वाला साबित होगा.
लिथियम-आयन बैटरी निर्माण को मिली संजीवनीआज के दौर में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) से लेकर तमाम छोटे-बड़े गैजेट्स लिथियम-आयन बैटरी पर चलते हैं. इस नीतिगत बदलाव में सबसे बड़ा फायदा बैटरी बनाने वाली कंपनियों को ही दिया गया है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, लिथियम-आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की सूची का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है. अब पूरी प्रोडक्शन चेन से जुड़ी 85 तरह की मशीनों पर रियायती कस्टम ड्यूटी लगेगी. इनमें बैटरी का पाउडर तैयार करने, स्लरी मिक्सिंग, कोटिंग, इलेक्ट्रोड वाइंडिंग, लेजर वेल्डिंग से लेकर टेस्टिंग, इंस्पेक्शन तथा फाइनल पैकेजिंग तक की मशीनें शामिल हैं. इसके अलावा सॉल्वेंट रिकवरी, डस्ट कलेक्शन जैसे एफ्लुएंट ट्रीटमेंट की सहायक मशीनों को भी इस छूट के दायरे में रखा गया है.
डिस्प्ले पार्ट्स पर टैक्स छूट से किसे होगा फायदा?आधुनिक उपकरणों में डिस्प्ले एक बहुत जरूरी हिस्सा होता है. सरकार ने ऑटोमोबाइल, मेडिकल उपकरणों तथा औद्योगिक मशीनों में लगने वाली डिस्प्ले असेंबली के कई आयातित पार्ट्स पर से कस्टम ड्यूटी हटा ली है. अब डिस्प्ले सेल, बैकलाइट यूनिट, फ्लेक्सिबल प्रिंटेड सर्किट असेंबली (FPCA), फ्रेम जैसे पुर्जे सस्ते में आयात किए जा सकेंगे. हालांकि, आम लोगों को यह जानना जरूरी है कि यह विशेष छूट मोबाइल फोन, टेलीविजन, स्मार्टवॉच तथा इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल वाले डिस्प्ले के पार्ट्स पर लागू नहीं होगी.
स्मार्टफोन का वायरलेस चार्जिंग फीचर भी होगा सस्तावायरलेस चार्जिंग आज के समय में स्मार्टफोन्स का एक प्रीमियम फीचर माना जाता है. इसे भी देश में ही सस्ते में तैयार करने की रूपरेखा बन गई है. सरकार ने स्मार्टफोन के वायरलेस चार्जिंग मॉड्यूल में लगने वाले तमाम जरूरी पुर्जों पर ड्यूटी घटा दी है. इनमें एनएफसी (NFC), इंडक्टर कॉइल, नैनो-क्रिस्टलाइन असेंबली, ई-शील्ड, पीईटी लाइनर, पीसी शिम तथा एनडीएफईबी (NdFeB) मैग्नेट शामिल हैं. नियमों को लेकर कोई भ्रम न रहे, इसके लिए सीबीआईसी ने इन सभी पार्ट्स की स्पष्ट तकनीकी परिभाषा भी जारी कर दी है.