नॉर्वे की टीम को इंग्लैंड के खिलाफ अपने क्वार्टर-फाइनल मुकाबले से पहले एक अप्रत्याशित स्थिति का सामना करना पड़ा, जब उन्हें अपना होटल बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इसके अलावा, नॉर्वेजियन टीम के कुछ खिलाड़ियों में बीमारी की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे उनकी तैयारियों पर असर पड़ा है।
ब्राज़ील के खिलाफ 2-1 की ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद नॉर्वे ने इंग्लैंड से मुकाबले में जगह बनाई थी। अब सवाल यह है कि इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ी इस टीम को आखिर होटल क्यों बदलना पड़ा?
नॉर्वे की टीम मूल रूप से फोर्ट लॉडरडेल के डालमार होटल में ठहरने वाली थी, जहां से वे इंग्लैंड के खिलाफ अपने बड़े मुकाबले की तैयारी करने वाले थे।
हालांकि, विश्व कप में पहले ही नया इतिहास रच चुकी टीम ने अचानक अपना ठिकाना बदलने का फैसला किया।
मियामी हेराल्ड ने सबसे पहले इस खबर की पुष्टि की, जिसके बाद नॉर्वे के टीवी2 चैनल ने इस बदलाव के पीछे की वजह बताई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, नॉर्वेजियन टीम ने फीफा से संपर्क कर होटल बदलने की अनुमति ली, क्योंकि उनके ठहरने के स्थान के पास निर्माण कार्य से काफी शोर हो रहा था, जिससे खिलाड़ियों की नींद और तैयारी प्रभावित हो रही थी।
टीवी2 की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि होटल समुद्र तट से काफी दूर था, जो खिलाड़ियों के लिए एक और असुविधा का कारण बना।
नॉर्वे के विश्व कप लॉजिस्टिक्स प्रबंधक ने चैनल से कहा, “कुछ चीजें थीं जिन्हें हम अलग तरीके से देखना चाहते थे, इसलिए हमने बदलाव किया।”
उन्होंने आगे कहा, “हम यहां एक सप्ताह तक रहने वाले हैं, और हम पहले से ही अमेरिका में अपने छठे सप्ताह में हैं। अब हम अपने समय के सबसे बड़े मैच की तैयारी कर रहे हैं। अब तक हम मानसिक थकान (कैबिन फीवर) से बचने में सफल रहे हैं और हम नहीं चाहते थे कि यह अब हमारे साथ हो।”
टीम के लॉजिस्टिक्स प्रबंधक के अनुसार, इस बदलाव की लागत फीफा ने वहन की, जबकि नॉर्वेजियन फुटबॉल संघ ने भी कुछ हिस्सा भुगतान किया क्योंकि नया होटल पहले वाले से अधिक महंगा था।
टीम का नया होटल किस स्थान पर है, यह अभी उजागर नहीं किया गया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि नॉर्वे की टीम ने अपने खिलाड़ियों को सर्वोत्तम माहौल देने के लिए यह कदम उठाया है।