जम्मू-कश्मीर: उमर अब्दुल्ला ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को तोड़ने की साजिश का आरोप लगाया
Indias News Hindi July 11, 2026 08:43 PM

श्रीनगर, 11 जुलाई . जम्मू-कश्मीर के Chief Minister और सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने Saturday को अपनी पार्टी को तोड़ने की साजिश का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि उनकी Government गिराने के लिए विधायकों को 20-30 करोड़ रुपए की पेशकश और राज्य का दर्जा देने का वादा किया जा रहा है.

Chief Minister अब्दुल्ला ने कहा कि जब पैसों और मंत्री पदों की पेशकश नाकाम रही, तो अब हमारे विधायकों को लुभाने के लिए बंद दरवाजों के पीछे से कोशिशें की जा रही हैं. मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि भाजपा यहां परोक्ष रूप से प्रवेश न कर सके.

वह श्रीनगर के हजरतबल स्थित अपनी दादी बेगम अकबर जहां (मादर-ए-मेहरबान) के मकबरे पर उनकी 26वीं पुण्यतिथि के अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे.

Chief Minister उमर ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस में दलबदल कराने के प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि जम्मू से पार्टी के एक विधायक को पाला बदलने के लिए 20-30 करोड़ रुपए, मंत्री पद और राज्य का दर्जा देने का वादा किया गया था. ये प्रयास नेशनल कॉन्फ्रेंस को कमजोर करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं, लेकिन हमारी पार्टी Political दबाव के आगे नहीं झुकेगी.

उन्होंने विधायक का नाम लिए बिना कहा कि वे एक बार फिर नेशनल कॉन्फ्रेंस को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. मुझे बताया गया है कि जम्मू से हमारे एक विधायक को उनके साथ जुड़ने पर 20-30 करोड़ रुपए, मंत्री पद और राज्य का दर्जा देने का वादा किया गया था. उन्हें लगता है कि जनता की अंतरात्मा इतनी सस्ती है. हमने लगभग दो साल जम्मू और कश्मीर को टकराव के बजाय संवाद के माध्यम से राज्य का दर्जा बहाल कराने के लिए प्रयासरत हैं. मैंने बार-बार कहा है कि हम संघर्ष के बजाय संवाद के माध्यम से अपने अधिकार सुरक्षित करना चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि मैंने जानबूझकर केंद्र Government को अपने वादे पूरे करने का समय दिया. लेकिन आज हमें विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है क्योंकि कुछ तो स्पष्ट रूप से बदल गया है. उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय कांग्रेस 20 जुलाई को New Delhi के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेगी.

Chief Minister उमर ने जोर देकर कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से राज्य का दर्जा बहाल करने की अपनी मांग को और मजबूत करेंगे, लेकिन जम्मू-कश्मीर के धैर्य को कमजोरी नहीं समझना चाहिए.

उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि परिसीमन प्रक्रिया और विधानसभा चुनाव पूरे होने के बावजूद राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा क्यों पूरा नहीं हुआ.

एमएस/

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