राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: अंतिम चरण में पहुंची SIT की जांच, 15 जुलाई तक शासन को सौंपी जाएगी अंतिम रिपोर्ट
TV9 Bharatvarsh July 12, 2026 05:42 AM

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. 15 जुलाई तक शासन को अंतिम रिपोर्ट सौंपी जाएगी. इसमें ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों का जिक्र होगा. ऐसा माना जा रहा है कि एसआईटी जांच में नए तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपियों के नाम भी उजागर हो सकते हैं.

वहीं राम मंदिर में एसओपी और एमओयू में रही कमियों की भी सिलसिलेवार जांच की जाएगी. सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए AI आधारित निगरानी की सिफारिश भी संभव है. साथ ही एसआईटी गणना कर्मचारियों की वेशभूषा में बदलाव और तीन-स्तरीय चेकिंग सिस्टम का प्रस्ताव भी रख सकती है. हुंडियों की गिनती से लेकर बैंक तक रकम पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में तकनीक का इस्तेमाल होगा. SIT सोमवार को एक बार फिर अयोध्या पहुंचकर जांच कर सकती है.

सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज

बता दें कि राम मंदिर में चढ़ावा प्रकरण के बाद मंदिर प्रशासन को अधिक पारदर्शी और पेशेवर बनाने की दिशा में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी है. सीईओ के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी जल्द ऑनलाइन बैठक कर आवेदन प्रक्रिया और चयन के मापदंड तय करेगी. सूत्रों के अनुसार, 22 जुलाई को प्रस्तावित ट्रस्ट बैठक में चयन प्रक्रिया की प्रगति या संभावित नामों पर भी चर्चा हो सकती है.

किस आधार पर होगा सीईओ का चयन?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीईओ का चयन केवल प्रशासनिक अनुभव के आधार पर नहीं होगा, बल्कि उम्मीदवार की ईमानदारी, नेतृत्व क्षमता, धार्मिक आस्था और बड़े संस्थानों के संचालन का अनुभव भी परखा जाएगा. चयन प्रक्रिया में विस्तृत बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और व्यक्तिगत इंटरव्यू को अनिवार्य बनाया जाएगा. कमेटी करीब 10 प्रमुख मापदंड तय करेगी, जिनके आधार पर इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन मांगे जाएंगे. इसके बाद दस्तावेजों की जांच, सेवा रिकॉर्ड, चरित्र सत्यापन और इंटरव्यू के बाद योग्य नाम ट्रस्ट के समक्ष रखे जाएंगे.

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