अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि अगर ईरान उनकी हत्या करता है या हत्या की कोशिश करता है, तो अमेरिका ईरान पर ऐसा सैन्य हमला करेगा, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया होगा. ट्रंप का दावा है कि उन्होंने अमेरिकी सेना को पहले से ही इसके लिए स्थायी निर्देश दे दिए हैं. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया, जब ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान कई लोगों ने ऐसे पोस्टर और बैनर उठाए, जिनमें ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौत की मांग की गई थी.
शनिवार को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ईरान उन्हें मारने या हत्या की कोशिश करने की धमकी दे रहा है. उन्होंने कहा कि 1,000 मिसाइलें पहले से तैयार हैं और ईरान की ओर निशाना साधे हुए हैं. अगर ईरानी सरकार अपनी धमकी पर अमल करती है, तो हजारों और मिसाइलें तुरंत दागी जा सकती हैं.
मुज्तबा खामेनेई ने बदला लेने की बात कहीट्रंप के इस बयान के कुछ घंटे बाद ईरान के मौजूदा सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई का बयान आया. उन्होंने सरकारी टीवी पर कहा कि ईरानी जनता उनके पिता और दोनों युद्धों में मारे गए सभी लोगों के खून का बदला जरूर लेगी. उन्होंने कहा, “हम अपने शहीदों के खून का बदला लेने की कसम खाते हैं. यह पूरे ईरानी राष्ट्र की इच्छा है और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा.”
ट्रंप मारे गए तो क्या होगा?अगर ट्रंप की हत्या हो जाए तो क्या अमेरिका अपने आप हमला कर देगा? इसका जवाब है- नहीं. अमेरिका में ऐसा कोई कानून या पहले से बना नियम नहीं है, जिसके तहत राष्ट्रपति की हत्या होते ही सेना अपने आप किसी देश पर हमला शुरू कर दे. अगर किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की हत्या होती है, तो अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन और 1947 के राष्ट्रपति उत्तराधिकार कानून के तहत उपराष्ट्रपति तुरंत राष्ट्रपति बन जाते हैं. अगर ट्रंप की हत्या होती है, तो उपराष्ट्रपति जेडी वेंस तुरंत अमेरिका के राष्ट्रपति और सेना के सर्वोच्च कमांडर बन जाएंगे. इसके बाद यह फैसला पूरी तरह उन्हीं का होगा कि वे ट्रंप के दिए निर्देशों के अनुसार ईरान पर हमला करें, कोई दूसरा जवाब दें या कोई सैन्य कार्रवाई ही न करें.
क्या US के पास पहले से कोई गुप्त योजना है?अमेरिका के पास ‘कंटीन्यूटी ऑफ गवर्नमेंट’नाम की विशेष योजनाएं हैं. इनका मकसद परमाणु हमला, बड़े आतंकवादी हमले या वॉशिंगटन में भारी तबाही जैसी स्थिति में भी सरकार को चलाते रहना है. हालांकि इन योजनाओं में ऐसा कोई नियम नहीं है कि राष्ट्रपति की मौत के बाद अपने आप जवाबी हमला शुरू हो जाए. यानी अगर ट्रंप ने पहले से सेना को तैयारी करने के लिए कहा भी है, तब भी हमला अपने आप नहीं होगा.
क्या ट्रंप परमाणु हमला करने का आदेश भी दे सकते हैं?अमेरिकी सरकार की गुप्त आपातकालीन योजनाओं पर किताब ‘रेवन रॉक’ लिखने वाले लेखक गैरेट एम. ग्राफ का कहना है कि ट्रंप अपनी मौत की स्थिति में सेना के लिए पहले से निर्देश छोड़ सकते हैं. उदाहरण के तौर पर वह उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से यह कह सकते हैं, अगर मेरी हत्या हो जाए, तो ईरान पर परमाणु हमला कर देना.
ग्राफ के मुताबिक, ऐसा निर्देश देना अमेरिकी कानून के तहत संभव है. लेकिन उस आदेश को मानना या नहीं मानना पूरी तरह उस समय के राष्ट्रपति जेडी वेंस पर निर्भर करेगा. यानी ट्रंप के निर्देश अपने आप लागू नहीं होंगे और अंतिम फैसला नए राष्ट्रपति ही करेंगे.
यह भी पढ़ें: मनाने गए खुशियां, लौटीं लाशें… वियतनाम में LAVA ट्रिप का दर्दनाक अंत