दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में यूजी एडमिशन 2026 की प्रक्रिया अब अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है. कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के तहत लाखों छात्र अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का इंतजार कर रहे हैं. विश्वविद्यालय के अनुसार इस बार 2022 के बाद सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं. अब जल्द ही छात्रों के लिए पहली सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी की जाएगी. इसके बाद सीट स्वीकार करने, डॉक्यूमेंट के वेरीफिकेशन और फीस जमा करने जैसी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी. ऐसे में सभी उम्मीदवारों के लिए एडमिशन से जुड़ी हर तारीख और प्रक्रिया को ध्यान से समझना बेहद जरूरी है.
दिल्ली विश्वविद्यालय में यूजी एडमिशन 2026 को लेकर छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है. विश्वविद्यालय के आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,73,751 छात्रों ने साइन-अप किया है. इनमें से 2,18,284 अभ्यर्थियों ने सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन पूरा किया है, जबकि 2,06,835 उम्मीदवारों ने कॉलेज और कोर्स की अपनी प्राथमिकताएं भी जमा कर दी हैं. आवेदन का यह आंकड़ा वर्ष 2022 के बाद सबसे अधिक माना जा रहा है. अब एडमिशन प्रक्रिया का तीसरा चरण शुरू होने जा रहा है, जिसमें सीट आवंटन किया जाएगा.
16 जुलाई को जारी होगी पहली सीट अलॉटमेंट लिस्टडीयू की ओर से पहली सीट अलॉटमेंट लिस्ट 16 जुलाई 2026 को जारी की जाएगी. उम्मीदवार अपने CSAS पोर्टल पर लॉग इन करके देख सकेंगे कि उन्हें किस कॉलेज और किस कोर्स में सीट मिली है. अगर किसी छात्र को आवंटित सीट पसंद आती है तो उसे 16 से 18 जुलाई के बीच निर्धारित समय के भीतर सीट स्वीकार करनी होगी. समय पर सीट स्वीकार नहीं करने पर आवंटन रद्द भी हो सकता है.
डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन और फीस जमा करना जरूरीसीट स्वीकार करने के बाद संबंधित कॉलेज उम्मीदवार के डॉक्यूमेंट्स का ऑनलाइन वेरीफिकेशन करेगा. वेरीफिकेशन पूरा होने के बाद छात्रों को पोर्टल के माध्यम से एडमिशन फीस जमा करनी होगी. फीस का भुगतान होने के बाद ही एडमिशन की प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी और सीट पक्की होगी. इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वो सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स पहले से तैयार रखें और CSAS पोर्टल पर जारी हर अपडेट पर नियमित नजर बनाए रखें.