होर्मुज स्ट्रेट को लेकर फिर छिड़ी जंग, अमेरिका ने ईरान पर शुरू किए हमले
TV9 Bharatvarsh July 13, 2026 07:42 AM

अमेरिका और ईरान के बीच रविवार को तनाव और बढ़ गया, जब अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के आस-पास ईरान के सैन्य ठिकानों पर नए हमले किए. ये हमले एक-दूसरे पर किए जा रहे हमलों और जवाबी हमलों के सिलसिले का ही हिस्सा थे, क्योंकि ईरान इस जलमार्ग से होने वाली शिपिंग पर अपना नियंत्रण जमाना चाहता है. अमेरिकी सेना ने इस रणनीतिक जलमार्ग के आस-पास कई जगहों पर ईरान के मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस साइट्स और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा चलाई जा रही छोटी स्पीडबोट्स पर हमले किए.

अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान के खिलाफ एक और दौर के हमले किए हैं, ताकि होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने वाले कमर्शियल जहाजों पर हमला करने की उनकी क्षमता को कम किया जा सके. ये हमले ईरान में रात भर और आज सुबह तक जारी रहे. इससे पहले रविवार सुबह सेना ने हमले किए थे, जो एक दिन पहले इस अहम समुद्री रास्ते में एक कंटेनर जहाज़ पर ईरान के हमले के जवाब में थे.

अमेरिका ने ईरान पर किया हमला

ईरान ने उन हमलों का जवाब खाड़ी के अरब देशों पर हमला करके दिया. हिंसा का यह सिलसिला बढ़ता गया, जिससे तेहरान और वॉशिंगटन के बीच युद्ध खत्म करने की बातचीत टूटने की कगार पर पहुंच गई. अमेरिका ने रविवार को ईरान पर हमला किया. यह हमला होर्मुज स्ट्रेट में एक कंटेनर जहाज पर ईरान के हमले के जवाब में था, जिसमें जहाज़ में आग लग गई थी और एक क्रू मेंबर लापता हो गया था. ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और ओमान पर हमले करके जवाब दिया, ये देश स्ट्रेट के दूसरी तरफ हैं और तेहरान ने शिपिंग ट्रैफिक को मैनेज करने में सहयोग के लिए उन पर दबाव डाला था.

अमेरिका ने दिन में बाद में फिर हमला किया. स्ट्रेट के पास स्थित केशम द्वीप के गवर्नर ने ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA को बताया कि सैन्य ठिकानों पर प्रोजेक्टाइल दागे गए, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ. तटीय शहर बंदर अब्बास और उत्तर में हाजीआबाद शहर में भी धमाकों की आवाज सुनी गई.

मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम को बनाया निशाना

अमेरिका के एक अधिकारी ने बताया कि ईरान की कमर्शियल जहाजों पर हमला करने की क्षमता को और कम करने के लिए कुछ जगहों पर मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम और पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड की नावों पर हमले किए गए. उन्होंने नाम न बताने की शर्त पर यह बात कही क्योंकि उन्हें मिलिट्री ऑपरेशन्स के बारे में सार्वजनिक रूप से बात करने की इजाजत नहीं थी.

ईरान और अमेरिका अपनी उस 60 दिन की अंतरिम डील के लगभग आधे रास्ते पर हैं, जिसका मकसद युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करना है. होर्मुज स्ट्रेट, जो तेल और प्राकृतिक गैस की ग्लोबल सप्लाई के लिए एक अहम रास्ता है और जिसे लंबे समय से एक इंटरनेशनल जलमार्ग माना जाता रहा है, बातचीत में एक अड़चन बन गया है. ऐसी बातचीत जो अब टूटने के कगार पर दिख रही है.

बहुत भयानक होंगे लड़ाई के नतीजे

एक बयान के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि अगर फिर से बड़े पैमाने पर लड़ाई शुरू हुई, तो इसके नतीजे बहुत भयानक होंगे. ईरान का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद है, लेकिन अमेरिका इससे सहमत नहीं है. रविवार को अमेरिकी सेना ने बताया कि उसने लगभग 140 ठिकानों पर हमला किया, जिनमें मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, गोला-बारूद के भंडार, संचार उपकरण और अन्य ठिकाने शामिल थे.

ये हमले हाल के दिनों की तुलना में ज्यादा जबरदस्त थे. ओमान के पास के रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिका ने पिछले हफ्ते ईरान को निशाना बनाते हुए तीन बार हवाई हमले किए. ये जहाज इस्लामिक रिपब्लिक के समुद्री क्षेत्र से बचने के लिए उस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे थे.

नौसेना का एक अधिकारी मारा गया

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NBC के ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में कहा, कल रात हमने उन पर जबरदस्त बमबारी की. ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ने बताया कि नौसेना का एक अधिकारी मारा गया. ईरान ने उन देशों पर हमला करके जवाबी कार्रवाई की जहां अमेरिकी सेना तैनात है, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि हार्मुज पर सिर्फ उसका नियंत्रण होना चाहिए और हो सकता है कि वह इससे गुज़रने वाले जहाजों से शुल्क भी वसूले.

अपनी बात पर कायम रहें या कीमत चुकाएं

ईरान की संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी गलीबाफ ने लिखा, एकतरफा समझौतों का दौर खत्म हो चुका है. हमने आपसे कहा था, अपनी बात पर कायम रहें या कीमत चुकाएं. हकीकत सामने आ रही है. ईरान ने कहा कि जब तक शांति बहाल नहीं हो जाती, तब तक होर्मुज बंद रहेगा, और अगर और हमले हुए तो तेहरान क्षेत्र में दुश्मन के अतिरिक्त ठिकानों को निशाना बनाने पर विचार करेगा. अमेरिकी सेना और ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट खुला हुआ है.

अमेरिकी सेना ने बताया कि पिछले हफ्ते 140 से ज्यादा जहाज वहां से गुजरे. अमेरिकी नौसेना की देखरेख में काम करने वाली एक बहुराष्ट्रीय संस्था ने कहा कि ओमान और ईरान दोनों के पास से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही कम स्तर पर जारी रही, और युद्ध से पहले रोजाना लगभग 140 जहाज वहां से गुजरते थे.

युद्ध से पहले, व्यापार होने वाले कुल तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग पांचवां हिस्सा इसी होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता था. इस पर ईरान के नियंत्रण के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो गया था, हालांकि युद्ध के दौरान तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद अब तेजी से गिरी हैं.

ओमान ने ईरानी राजदूत को किया तलब

कई खाड़ी अरब देशों में मिसाइल अलर्ट जारी किए गए. कतर की सेना ने कहा कि उसने ईरान की तरफ से आ रहे हमलों को बीच में ही रोक दिया. पड़ोसी देश संयुक्त अरब अमीरात में धमाकों की आवाज सुनी गई. कतर के गृह मंत्रालय ने बताया कि हमलों को रोकने के दौरान निकले मलबे (श्रापनेल) से एक बच्चे समेत तीन लोग घायल हो गए.

बहरीन में भी मिसाइल अलर्ट जारी किए गए, जहां अमेरिकी नौसेना का 5वां बेड़ा तैनात है. कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उत्तर में तीन जमीनी सीमा चौकियों और कुवैत ऑयल कंपनी के एक ऑफशोर ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म को नुकसान पहुंचा, और एक कर्मचारी घायल हो गया.

ईरान की तीन मिसाइलें जॉर्डन के इलाकों में गिरीं

जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि ईरान की तीन मिसाइलें जॉर्डन के इलाकों में गिरीं, जिससे मामूली नुकसान तो हुआ लेकिन कोई घायल नहीं हुआ. ओमान की सरकारी समाचार एजेंसी ने कहा कि जलमार्ग के पास एक इलाके में ड्रोन से हमले हुए. यह घटना ओमान और ईरान के बीच स्ट्रेट पर बातचीत और आगे भी चर्चा जारी रखने पर सहमति बनने के एक दिन बाद हुई. यह स्ट्रेट ईरान और ओमान के समुद्री क्षेत्र में स्थित है.

ओमान ने हमलों के विरोध में ईरानी राजदूत को तलब किया. युद्ध शुरू होने के बाद से यह ऐसा पहला कदम है. ओमान ने ईरान की इन हरकतों को गैर-जिम्मेदाराना बताया.

ईरान के हमले से जहाज पर मौजूद भारतीय क्रू को नुकसान

अमेरिकी सेना ने बताया कि ईरान के हमले का शिकार बने साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज के इंजन रूम को काफी नुकसान पहुंचा है. ओमान के समुद्री प्राधिकरण ने बताया कि उसने 23 क्रू सदस्यों को बचाया, लेकिन एक सदस्य लापता है. भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि वह भारतीय नागरिक है. ब्रिटिश सेना की देखरेख में काम करने वाले ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स’ सेंटर ने बताया कि जहाज ओमान के तट के साथ-साथ चल रहा था.

कई जहाजों ने चेतावनियों को नजरअंदाज किया

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि कई जहाजों ने हमारी चेतावनियों को नजरअंदाज किया और तय रास्ते पर चलने के निर्देशों को नहीं माना. एक जहाज पर चेतावनी के तौर पर गोली चलाई गई और उसे रोक दिया गया. बाद में ईरान के सरकारी मीडिया ने देश भर में अमेरिकी हमलों की खबर दी, जिनमें स्ट्रेट के सबसे करीब वाले दक्षिणी ईरान के प्रांत और तेहरान के पास के प्रांत में मौजूद सैन्य ठिकाने शामिल थे.

युद्ध में अंतरिम समझौता खत्म

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर और कूटनीतिक बातचीत के बाद हमले हुए. ट्रंप ने पिछले हफ़्ते कहा था कि युद्ध में अंतरिम समझौता खत्म हो गया है. लेकिन पाकिस्तान, कतर और मिस्र समेत मध्यस्थों ने समझौते तक पहुंचने की कोशिशें जारी रखी हैं. मध्यस्थता में शामिल एक क्षेत्रीय अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बातचीत के बारे में बताते हुए कहा कि रविवार को भी युद्धविराम को मज़बूत करने की कोशिशें जारी रहीं. पाकिस्तान ने कहा कि उसके विदेश मंत्री ने ईरान के शीर्ष राजनयिक से फ़ोन पर बात की और दोनों पक्षों से तनाव कम करने का आग्रह किया.

युद्ध शुरू होने के बाद से न दिखे ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने शनिवार को अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद अपने पहले बयान में कसम खाई कि ईरानी लोग 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआती हमलों में हुई उनकी हत्या का बदला लेंगे.

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