Ashadha Vinayaka Chaturthi 2026: 17 जुलाई को अनिरुद्ध चतुर्थी, इस विधि से करें पूजा, चमक उठेगा भाग्य!
TV9 Bharatvarsh July 14, 2026 01:43 PM

Ashadha Vinayaka Chaturthi July 2026 Date : हिंदू धर्म में गणेश जी प्रथम पूजनीय देव हैं. किसी भी शुभ काम की शुरुआत करने से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है. हर महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी मनाई जाती है. इस बार आषाढ़ मास की विनायक चतुर्थी बेहद खास मानी जा रही है. आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की इस चतुर्थी को धार्मिक दृष्टिकोण से अनिरुद्ध चतुर्थी भी कहा जाता है. आइए जानते हैं कि इस दिन को यह विशेष नाम क्यों दिया गया है, इसका धार्मिक महत्व क्या है और पूजा का सही समय क्या रहेगा.

कब है आषाढ़ विनायक चतुर्थी 2026?

पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ 17 जुलाई 2026 को सुबह 6 बजकर 27 मिनट पर होगा. यह तिथि 18 जुलाई 2026 को सुबह 4 बजकर 42 मिनट पर समाप्त होगी. उदया तिथि के आधार पर आषाढ़ विनायक चतुर्थी का व्रत 17 जुलाई, शुक्रवार को रखा जाएगा.

क्यों कहा जाता है अनिरुद्ध चतुर्थी?

धार्मिक परंपराओं में आषाढ़ शुक्ल चतुर्थी को अनिरुद्ध चतुर्थी भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की आराधना करने से भक्तों के जीवन में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं और शुभ कामों में सफलता मिलने का मार्ग खुलता है. कुछ धार्मिक परंपराओं में इस चतुर्थी का संबंध भगवान श्रीकृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध के नाम से भी जोड़ा जाता है. इसी कारण कई क्षेत्रों में इसे अनिरुद्ध चतुर्थी के नाम से जाना जाता है.

विनायक चतुर्थी का धार्मिक महत्व

भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देव माना जाता है. किसी भी शुभ काम की शुरुआत उनसे आशीर्वाद लेकर ही की जाती है. इसलिए विनायक चतुर्थी का दिन विशेष रूप से गणपति बप्पा की कृपा पाने के लिए शुभ माना जाता है.धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से बुद्धि, विवेक, सफलता और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. जिन लोगों के काम बार-बार अटक जाते हैं या जीवन में लगातार बाधाएं आती हैं, उनके लिए यह व्रत विशेष फलदायी माना गया है.

ऐसे करें विनायक चतुर्थी की पूजा

विनायक चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े धारण करें. इसके बाद पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करके भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. गणेश जी को दूर्वा, लाल फूल, सिंदूर, अक्षत, चंदन और मोदक या लड्डू का भोग अर्पित करें. इसके बाद धूप और दीप जलाकर ओम गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें. यदि हो सके तो गणेश गणेश चालीसा का पाठ भी करें. पूजा के आखिर में भगवान गणेश की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि, सफलता तथा विघ्नों से मुक्ति की प्रार्थना करें.

विनायक चतुर्थी के दिन क्या करें?

इस दिन भगवान गणेश को 21 दूर्वा और 21 लड्डू अर्पित करना शुभ माना जाता है. जरूरतमंद लोगों को भोजन, कपड़े या अपनी क्षमता के अनुसार दान देना भी पुण्यदायी माना गया है. पूरे दिन सात्विक भोजन करें और क्रोध, विवाद तथा नकारात्मक विचारों से दूर रहने का प्रयास करें.

व्रत करने से क्या लाभ मिलते हैं?

धार्मिक मान्यता है कि विनायक चतुर्थी का व्रत रखने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, रुके हुए काम पूरे होने लगते हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार आने की संभावना बढ़ती है. भगवान गणेश की कृपा से शिक्षा, नौकरी, व्यापार और पारिवारिक जीवन में भी शुभ परिणाम मिलने की मान्यता है. साथ ही घर में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहता है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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